पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू के पाक आर्मी चीफ से गले मिलने की तस्वीर पर बहस छिड़ गई है. आतंकी घटनाओं को लेकर लोग सोशल मीडिया पर सवाल पूछ रहे हैं. इस बीच, सिद्धू ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश की है. शनिवार दोपहर बाद मीडिया से सिद्धू ने कहा, ‘मैं राजनेता नहीं, एक दोस्त की हैसियत से यहां आया हूं.’ इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा से गले मिलने का भी जिक्र किया. सिद्धू ने कहा, ‘जनरल साहब ने हमसे कहा है कि वह शांति चाहते हैं’.
पंजाब के मंत्री सिद्धू ने इमरान खान को दोस्ताना अंदाज में ‘खान साहब’ कहकर संबोधित किया. उन्होंने कहा, ‘खान साहब ने कहा है कि आप एक कदम चलो तो मैं दो कदम चलूंगा. यहा बयान काफी महत्वपूर्ण है.’ उन्होंने कहा कि अब यह हमारा दायित्व है कि हम अपनी सरकार से बातचीत कर उन्हें एक कदम चलने के लिए प्रेरित करें. पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि इससे दोनों देशों के रिश्तों को लेकर एक बड़ी उम्मीद बंधी है.
Also Read: अटल जी की एक कॉल पर सांसद बने थे सिद्धू, समर्थन में दिया था अपना अंतिम भाषण
पंजाबी में बात करते हुए सिद्धू ने भारत और पाकिस्तान के बीच शांति की उम्मीद जताई. उन्होंने आगे कहा कि दोनों पंजाब अगर सीमा खोल दें तो पूरी क्षेत्र में तेजी से तरक्की हो सकती है. उन्होंने कहा कि अगर नीयत साफ हो तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है. कांग्रेस नेता ने कहा, ‘आखिर कब तक हम लाल समंदर में डूबेंगे, अब वक्त आ गया है कि हम इसे नीला बनाएं यानी शांति कायम करें.’ इस दौरान कई बार ऐसा मौका आया जब सिद्धू अपने चिर-परिचित अंदाज में लोगों को हंसाते भी नजर आए.
मोहब्बत का पैगाम लाया हूं और सौ गुना मुहब्बत लेकर जा रहा हूँ
सिद्धू ने कहा, ‘मैं हिंदुस्तान से मोहब्बत का एक पैगाम लाया था. जितनी मोहब्बत मैं लेकर आया था, उससे 100 गुना ज्यादा मोहब्बत मैं वापस लेकर जा रहा हूं. जो वापस आया है, वो सूद समेत आया है.’
Also Read: अटल जी की अंतिम यात्रा आगे बढ़ रही थी और पीछे बीजेपी कार्यकर्ता दे रहे थे अद्भुत सन्देश
( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )















































