अर्धकुंभ मेला-2027 के लिए उत्तराखण्ड को केन्द्र से 14,520 मीट्रिक टन अतिरिक्त खाद्यान्न आवंटित
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केन्द्र सरकार का किया आभार व्यक्त
हरिद्वार
हरिद्वार में प्रस्तावित अर्धकुंभ मेला-2027 के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए केंद्र सरकार ने उत्तराखण्ड को 14,520 मीट्रिक टन अतिरिक्त खाद्यान्न आवंटित किया है। अर्धकुंभ मेले के दौरान खाद्यान्न की पर्याप्त उपलब्धता एवं सुचारु आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड सरकार ने केंद्र सरकार से राज्य को अतिरिक्त खाद्यान्न आवंटन की मांग की थी। जिसके बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मुख्यमंत्री को पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा अर्धकुंभ मेले के लिए 7,260 मीट्रिक टन गेहूँ तथा 7,260 मीट्रिक टन चावल का अतिरिक्त आवंटन किया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अर्धकुंभ मेले के लिए केन्द्र सरकार द्वारा उत्तराखण्ड को अतिरिक्त खाद्यान्न आवंटित किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केन्द्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। इस अतिरिक्त खाद्यान्न आवंटन से मेले के दौरान खाद्य सामग्री की आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित की जा सकेगी।
प्रमुख बिंदु:
हरिद्वार कुंभ मेला 2027 के लिये वित्तपोषण
कुल आवंटन: हरिद्वार में वर्ष 2027 कुंभ मेला की तैयारियों और आवश्यक व्यवस्थाओं के लिये ₹492 करोड़।
राज्य क्षेत्र के तहत वित्तपोषण: अस्थायी प्रतिष्ठानों और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिये ₹175 करोड़।
शहरी विकास विभाग: केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत कार्यों के लिये ₹317 करोड़।
टिहरी बाँध से प्रभावित परिवारों के लिये मुआवज़ा
कुल प्रावधान: टिहरी बाँध परियोजना से प्रभावित 178 पात्र परिवारों के लिये ₹132.43 करोड़।
नीतिगत ढाँचा: मुआवज़ा उत्तराखंड की पुनर्वास नीति, 1988 से संबद्ध है।
उद्देश्य: यह प्रावधान कृषि भूमि के बदले नकद मुआवज़े से संबंधित है तथा लागू मुआवज़े में वृद्धि को शामिल करता है।
सड़क और सिंचाई अवसंरचना
अल्मोड़ा: सल्ट क्षेत्र में गैरखेत–बालमारा–सराईखेत मोटर मार्ग पर डामरीकरण के लिये ₹6.13 करोड़।
ऊधम सिंह नगर: सितारगंज में सिडकुल और पंडरी के बीच ऊपरी बैगुल नहर के जीर्णोद्धार के लिये ₹7.84 करोड़।
धार्मिक और सामुदायिक स्थलों का विकास
पिथौरागढ़: लामाखेत में सक्त्या बड़बापा मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिये ₹45.03 लाख, जिसमें दीवार और धर्मशाला का निर्माण शामिल है।
चंपावत: गोगना बस्ती में ब्रह्मचारिणी मेले के मैदान के विकास के लिये ₹50 लाख।
हरिद्वार कुंभ मेला:
स्थान: गंगा नदी के तट पर हरिद्वार, उत्तराखंड।
धार्मिक महत्त्व: प्रमुख हिंदू तीर्थ आयोजनों में से एक, जो पवित्र स्नान से संबंधित है।
टिहरी बाँध:
नदी: भागीरथी, जो गंगा की प्रमुख सहायक धाराओं में से एक है।
स्थान: टिहरी गढ़वाल ज़िला, उत्तराखंड।
महत्त्व: टिहरी जलविद्युत परिसर एक महत्त्वपूर्ण बहुउद्देशीय अवसंरचना परियोजना है, जो जलविद्युत उत्पादन, जलापूर्ति और सिंचाई से संबंधित है।
पुनर्वास संबंधी चिंता: बड़े बाँधों की परियोजनाएँ समुदायों को विस्थापित कर सकती हैं, जिससे उचित मुआवज़ा और पुनर्वास विकास नियोजन के महत्त्वपूर्ण घटक बन जाते हैं।














