गुजरात (Gujrat) के सूरत (Surat) में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां राजस्थान के कोटा की एक 21 वर्षीय युवती को सोशल मीडिया पर फंसाकर जन्मदिन मनाने के बहाने बुलाया गया। आरोपी ने अपनी पहचान छिपाकर दोस्ती की और फिर उसे अलग-अलग होटलों में 20 दिनों तक कैद रखकर नशीले इंजेक्शन देकर बेहोश किया, बार-बार दुष्कर्म किया, मारपीट की और उसके गहने भी लूट लिए। युवती किसी तरह भागकर कोटा पहुंची और शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद सूरत पुलिस ने दोनों आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया।
पूरी घटना
सूरत शहर में रांदेर इलाके से जुड़े इस सनसनीखेज मामले की शुरुआत दिसंबर 2025 में हुई, जब कोटा की 21 वर्षीय युवती का इंस्टाग्राम पर एक युवक से संपर्क हुआ। आरोपी मोहम्मद तोहीदुल (28 वर्ष) ने खुद को तुषार नाम से पेश किया और हिंदू बनकर युवती से दोस्ती की। उसका साथी अमन वर्मा (21 वर्ष) भी इसमें शामिल था। अमन वर्मा सूरत में होटल में वेटर का काम करता है, जबकि मोहम्मद तोहीदुल दर्जी है और मूल रूप से बंगाल का रहने वाला बताया जा रहा है।दोस्ती के महज 5-6 दिनों बाद, 1 जनवरी 2026 को आरोपी ने अपने जन्मदिन मनाने का बहाना बनाकर युवती को सूरत बुलाया। युवती दोस्ती और भरोसे के चलते कोटा से सूरत पहुंच गई। जैसे ही वह पहुंची, आरोपियों ने उसे अलग-अलग होटलों (जिनमें मूनलाइट होटल भी शामिल है) में ले जाकर बंधक बना लिया।
20 दिनों की क्रूरता
युवती को भागने से रोकने के लिए बार-बार नशीले इंजेक्शन दिए जाते थे, जिससे वह बेहोश हो जाती थी। बेहोशी की हालत में दोनों आरोपी उसके साथ बार-बार दुष्कर्म करते थे। मारपीट की जाती थी, उसके गहने लूट लिए गए।आरोपियों ने उसे देह व्यापार में धकेलने की कोशिश भी की। यह सब लगभग 20 दिनों (1 जनवरी से करीब 20-31 जनवरी तक) तक चलता रहा। युवती ने किसी तरह आरोपियों के चंगुल से बचकर 31 जनवरी 2026 को कोटा पहुंचकर थाने में शिकायत दर्ज कराई। कोटा पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज की और इसे सूरत पुलिस को ट्रांसफर कर दिया।
पुलिस कार्रवाई
सूरत के रांदेर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज हुआ। एसीपी बी.ए. चौधरी और पीआई आर.जे. चौधरी के नेतृत्व में जांच हुई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और दोनों आरोपियों, मोहम्मद तोहीदुल उर्फ तुषार और अमन वर्मा उर्फ सागर अजय गयाप्रसाद वर्मा, को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों पर अपहरण, दुष्कर्म, मारपीट, लूट, नशीले पदार्थ देने और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है।पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी ने जानबूझकर पहचान छिपाई थी ताकि युवती फंस जाए। यह घटना सोशल मीडिया पर अजनबियों से दोस्ती करने के जोखिमों को बेनकाब करती है। युवती का मेडिकल जांच और काउंसलिंग चल रही है, जबकि पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।







































