UP: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कानपुर (Kanpur) जिले के बिठूर क्षेत्र में स्थित राजा नर्सिंग होम में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। रविवार शाम को एक महिला (शालू) ने स्वस्थ नवजात बच्ची को जन्म दिया। जन्म के तुरंत बाद बच्ची को ठंड से बचाने के लिए NICU वार्ड में वार्मर मशीन में रखा गया। लेकिन अस्पताल स्टाफ की गंभीर लापरवाही के कारण मशीन में शॉर्ट सर्किट हो गया, जिससे आग लग गई। इस आग में बच्ची बुरी तरह झुलस गई। उसका चेहरा, पेट, छाती और अन्य हिस्से जलकर काले पड़ गए, चमड़ी उधड़ गई। तड़प-तड़प कर बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। मां को अपनी पहली संतान को गोद में भी न ले पाने का दर्द सहना पड़ा।
परिजनों का हंगामा और आरोप
परिजनों ने अस्पताल पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि स्टाफ ने बच्ची को वार्मर में रखकर निगरानी करना भूल गया, जिससे तापमान अनियंत्रित हो गया। कुछ आरोपों के अनुसार स्टाफ ने घटना को छिपाने की कोशिश की और कई घंटों तक परिजनों को बच्ची नहीं दिखाई। हादसे के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। डॉक्टर और स्टाफ मौके से फरार हो गए। बच्ची की बुआ ने बिठूर थाने में तहरीर दी है।
प्रशासन की कार्रवाई
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मामले में अस्पताल के खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है। एसीएमओ डॉ. रमित रस्तोगी ने जांच की, जिसमें NICU को अवैध पाया गया और उसे सील कर दिया गया। कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं। सीएमओ द्वारा जांच कमेटी गठित की गई है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
यह घटना निजी नर्सिंग होमों में सुरक्षा मानकों, स्टाफ की ट्रेनिंग और मशीनों की नियमित जांच पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अस्पताल जहां जीवन बचाने का केंद्र होते हैं, वहां ऐसी लापरवाही से मासूम की जान चली गई। परिजन और समाज न्याय की मांग कर रहे हैं कि सिर्फ सील करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि जिम्मेदारों पर हत्या जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा चलना चाहिए। यह मामला पूरे स्वास्थ्य तंत्र की नाकामी को उजागर करता है।

















































