पप्पू यादव की जमानत टली,पूर्णिया सांसद जेल में ही रहेंगे

बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल मच गई है। जन अधिकार पार्टी (जनस) के अध्यक्ष और पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव की जमानत याचिका पर पटना सिविल कोर्ट में सुनवाई टल गई। वजह बनी—कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की गंभीर धमकी। धमकी एक ईमेल के जरिए मिली, जिसके बाद कोर्ट परिसर को खाली कराया गया और सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान शुरू किया। इस कारण पप्पू यादव की जमानत याचिका पर आज (9 फरवरी 2026) कोई फैसला नहीं हो सका। फिलहाल पप्पू यादव जेल में ही रहेंगे और अगली सुनवाई की तारीख का इंतजार करना पड़ेगा।

धमकी कैसे मिली और क्या हुआ

पटना हाईकोर्ट और सिविल कोर्ट परिसर में सुबह एक ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें कहा गया कि कोर्ट को बम से उड़ा दिया जाएगा। ईमेल की गंभीरता को देखते हुए तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया गया। कोर्ट परिसर में मौजूद सभी वकील, कर्मचारी और याचिकाकर्ताओं को बाहर निकाला गया। बम निरोधक दस्ता (बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वॉड), डॉग स्क्वॉड और भारी पुलिस बल ने पूरे परिसर की तलाशी ली। कई घंटों की जांच के बाद कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, लेकिन सुरक्षा कारणों से दिन भर की अधिकांश कार्यवाही रद्द कर दी गई। इसी बीच पप्पू यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई का समय था, जो स्थगित हो गई।

पप्पू यादव केस की पृष्ठभूमि

पप्पू यादव को 2026 में एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया था, जिसमें उन पर धमकी देने और अन्य गंभीर आरोप लगे हैं। वे वर्तमान में जेल में हैं और जमानत के लिए पटना सिविल कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। उनकी टीम ने दावा किया था कि मामला राजनीतिक प्रतिशोध का है और सबूत कमजोर हैं। जमानत सुनवाई के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण था, लेकिन बम धमकी के कारण कोर्ट की कार्यवाही प्रभावित हुई। पप्पू यादव के समर्थक इसे साजिश बता रहे हैं, जबकि प्रशासन इसे संयोग मान रहा है।

कोर्ट और पुलिस की कार्रवाई

पटना पुलिस और कोर्ट प्रशासन ने धमकी को गंभीरता से लिया है। ईमेल का स्रोत ट्रेस करने के लिए साइबर सेल सक्रिय हो गई है। जांच में पता लगाया जा रहा है कि धमकी किसने दी और इसका मकसद क्या था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा सुनिश्चित होने तक ही कार्यवाही शुरू होगी। पप्पू यादव की जमानत याचिका पर अब नई तारीख तय की जाएगी, जो संभवतः कुछ दिनों में होगी। इस बीच उनके वकील ने कहा कि वे जल्द से जल्द सुनवाई की मांग करेंगे।

सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से वायरल हो रही है। पप्पू यादव के समर्थक इसे उनकी जमानत रोकने की साजिश बता रहे हैं और कोर्ट धमकी को राजनीतिक हथकंडा मान रहे हैं। वहीं विपक्षी नेता इसे कानून-व्यवस्था की विफलता बता रहे हैं। कई लोग पूछ रहे हैं कि इतने संवेदनशील समय में कोर्ट परिसर की सुरक्षा इतनी कमजोर कैसे है। बिहार में पहले भी कोर्ट पर धमकियां मिल चुकी हैं, लेकिन यह घटना पप्पू यादव केस से जुड़ने के कारण ज्यादा चर्चा में है।