उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के दौरान महोबा की चरखारी सीट से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत आज पहुंचे। दो हफ्ते से ज्यादा समय से सुर्खियों में रहे विधायक ने विधानसभा में शामिल होकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। विधायक पिछले दिनों जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह के काफिले को रोकने और जल जीवन मिशन की बदहाली को लेकर विवाद में रहे थे। आज विधानसभा में मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मौजूद हैं। ऐसे में सभी की नजर इस बात पर है कि क्या विधानसभा में जल जीवन मिशन से जुड़े मुद्दे पर बहस होगी या कोई नया मोड़ आएगा।
विपक्ष सदन में जल जीवन मिशन को बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में विधानसभा सत्र में उबाल आने की संभावना
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मौजूदा बजट सत्र में विपक्षी दल जल जीवन मिशन की बदहाली को प्रमुख मुद्दा बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल पिछले कई दिनों से इस योजना में देरी, लापरवाही और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी न पहुंचने के मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर हैं। चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत द्वारा जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह के काफिले को रोकने की घटना के बाद यह मुद्दा और भी गरमा गया है। अब सदन में इस पर बहस छिड़ने की पूरी संभावना है।
जल जीवन मिशन पर विपक्ष के प्रमुख आरोप
विपक्ष का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत गांव-गांव में नल से जल पहुंचाने का वादा किया गया था, लेकिन ज्यादातर जगहों पर पाइपलाइन बिछने के बाद भी पानी नहीं पहुंच रहा। कई जिलों में ट्यूबवेल सूख गए, हैंडपंप खराब हैं और ग्रामीणों को अब भी टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। विपक्षी नेता आरोप लगा रहे हैं कि योजना में करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जमीन पर कोई ठोस परिणाम नहीं दिख रहा। कुछ जगहों पर पाइप बिछाने के बाद सड़कें टूटी हुई हैं, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश है। ये सभी बिंदु सदन में उठाए जा सकते हैं।
विवाद की शुरुआत और बयानबाजी
यह पूरा विवाद 30 जनवरी को महोबा जिले में शुरू हुआ था, जब जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह एक कार्यक्रम के लिए गए थे। चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत ने ग्राम प्रधानों और समर्थकों के साथ मिलकर मंत्री के काफिले को सड़क पर रोक दिया। विधायक ने जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत न होने, गांवों में पानी न पहुंचने और योजना में लापरवाही का आरोप लगाया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और वीडियो वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया। विधायक ने सोशल मीडिया पर बयान दिए, जिसमें उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वे और कड़े कदम उठा सकते हैं।
बीजेपी का एक्शन और नोटिस
विवाद बढ़ने के बाद यूपी भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने विधायक बृजभूषण राजपूत को स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया। नोटिस में 7 दिनों के अंदर जवाब मांगा गया। विधायक ने कहा कि उन्होंने सिर्फ जनता की समस्याएं मंत्री के सामने रखीं, कोई गलत नहीं किया। उनके पिता और पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने भी मंत्री पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अगर बेटे को नोटिस मिला है तो मंत्री को भी मिलना चाहिए। कुछ रिपोर्ट्स में विधायक के सपा में जाने की अटकलें भी लगीं, लेकिन पिता ने इसे साफ किया कि यह जनता का दर्द है।
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विधानसभा में क्या होगा बड़ा सवाल
आज विधानसभा में मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह और विधायक बृजभूषण राजपूत दोनों मौजूद हैं। सत्र के दौरान जल जीवन मिशन की बदहाली, योजना में देरी और सड़कों की स्थिति जैसे मुद्दे पर बहस की संभावना है। विधायक पहले भी विधानसभा में इस मुद्दे को उठा चुके हैं। विपक्षी दल इसे बीजेपी के अंदर असंतोष के तौर पर पेश कर सकते हैं। वहीं, भाजपा नेतृत्व इस मामले को अनुशासन के दायरे में रखने की कोशिश कर रहा है। विधायक के समर्थकों और लोधी समाज में भी इस मुद्दे पर समर्थन दिख रहा है। आने वाले दिनों में इस विवाद का असर राजनीतिक गलियारों में दिख सकता है।
स्थिति पर नजर
यह मामला भाजपा के अंदर आंतरिक असंतोष और स्थानीय मुद्दों को लेकर नेताओं की नाराजगी को उजागर करता है। जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना में लापरवाही के आरोपों ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। विधानसभा सत्र में अगर यह मुद्दा गूंजा तो सरकार पर दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल दोनों पक्षों से कोई नया बयान नहीं आया है, लेकिन सभी की निगाहें सदन की कार्यवाही पर टिकी हैं।
INPUT-ANANYA MISHRA

















































