लखनऊ में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में जल जीवन मिशन के कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा की। बैठक में मंत्री ने साफ कहा कि 30 दिनों के भीतर सभी घरों में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित न करने वाली कंपनियों के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी और उनके अनुबंध समाप्त (टर्मिनेशन) कर दिए जाएंगे। उन्होंने विशेष रूप से बीजीसीसी और एलएंडटी जैसी कंपनियों की धीमी कार्य गति पर नाराजगी जताई और कहा कि तय समयसीमा में काम पूरा न होने पर कंपनी मालिकों को जेल भेजा जाएगा। बैठक में अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव, जल निगम एमडी डॉ. राजशेखर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
ज्यादातर योजनाओं में 100% कार्य पूरा
मंत्री ने बताया कि बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र की अधिकांश योजनाओं में 100 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। सिर्फ 4-5 योजनाएं बाकी हैं, जिन्हें जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि अधिकतर गांवों में 100 प्रतिशत घरों में जलापूर्ति शुरू हो चुकी है। करीब तीन प्रतिशत गांवों में पाइपलाइन डैमेज या अन्य तकनीकी कारणों से जलापूर्ति प्रभावित है, जिसे तुरंत ठीक करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अब कोई बहाना नहीं चलेगा, काम में तेजी लाई जाए।
जनप्रतिनिधियों से संवाद और पारदर्शिता पर जोर
समीक्षा बैठक में जलशक्ति मंत्री ने सभी जिलों के अधिशासी अभियंताओं और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्थानीय जनप्रतिनिधियों (विधायक, सांसद, जिला पंचायत सदस्य) को योजना की हर प्रगति से अवगत कराएं। जनप्रतिनिधियों को पूरी जानकारी न देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई। साथ ही अधिकारियों को गांव-गांव जाकर ग्रामीणों की समस्याओं का तत्काल निस्तारण करने के आदेश दिए गए। मंत्री ने कहा कि योजना जनता के लिए है, इसलिए जनता से संवाद और पारदर्शिता सबसे जरूरी है।
100% जलापूर्ति वाले 22,000 गांवों में मनाया जाएगा जल उत्सव
मंत्री ने निर्देश दिए कि जिन गांवों में 100 प्रतिशत घरों में जलापूर्ति हो चुकी है, वहां 8 से 22 मार्च तक ‘जल उत्सव’ मनाया जाए। राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन ने प्रदेश के करीब 22,000 गांवों में इस उत्सव की तैयारी शुरू कर दी है। जल उत्सव के दौरान ग्रामीणों को जल संरक्षण, स्वच्छता और योजना के लाभों के बारे में जागरूक किया जाएगा। यह उत्सव जल जीवन मिशन की सफलता का प्रतीक होगा और लोगों में योजना के प्रति विश्वास बढ़ाएगा।
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जल सारथी ऐप से हर जानकारी और शिकायत का समाधान
समीक्षा के दौरान जलशक्ति मंत्री ने ‘जल सारथी’ ऐप का शुभारंभ किया। इस ऐप के जरिए हर गांव की जलापूर्ति स्थिति, परियोजना पर खर्च, निर्माणाधीन काम, अधिकारियों के नाम-नंबर और शिकायत दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध होगी। ग्रामीण शिकायत दर्ज कर सकेंगे और शिकायत के निस्तारण की प्रगति भी ऐप पर देख सकेंगे। ऐप एंड्रॉयड और एप्पल दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा। मंत्री ने कहा कि यह ऐप पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
सड़क रिस्टोरेशन में 97% काम पूरा
पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत पर भी समीक्षा हुई। अधिकारियों ने बताया कि बुंदेलखंड-विंध्य क्षेत्र में कुल 9772 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई थीं, जिनमें से 9435 किलोमीटर (97%) की मरम्मत पूरी हो चुकी है। मंत्री ने निर्देश दिए कि मार्च अंत तक शेष बची सभी सड़कों का काम पूरा हो जाए। कुछ जगहों पर बरसात या जलभराव से दोबारा क्षति हुई है, जिसे अभियान चलाकर ठीक किया जा रहा है।
मंत्री का संदेश: अब कोई ढिलाई नहीं बर्दाश्त
जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने स्पष्ट संकेत दिए कि जल जीवन मिशन अब अंतिम चरण में है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 30 दिनों का अल्टीमेटम देकर उन्होंने कंपनियों और अधिकारियों दोनों को चेतावनी दी है। यह समीक्षा बैठक बुंदेलखंड-विंध्य क्षेत्र में जलापूर्ति को अंतिम रूप देने और योजना की सफलता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
INPUT-ANANYA MISHRA

















































