UP: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) ने लखनऊ में विपक्षी दलों सपा (Samajwadi) और कांग्रेस (Congress) पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2047 तक यूपी में सपा की सत्ता में वापसी की कोई संभावना नहीं है, वहीं देश स्तर पर कांग्रेस के सत्ता में आने की भी कोई गुंजाइश नहीं दिखती। मौर्य ने जोर देकर कहा कि 2047 तक यूपी और भारत को विकसित बनाने का विजन सपा और कांग्रेस के बस की बात नहीं है। वे ऐसी सोच ही नहीं रखते जो विकास की दिशा में ले जाए।
PDA का मतलब परिवार डेवलपमेंट एजेंसी
केशव मौर्य ने सपा के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर तंज कसते हुए कहा कि बहुत से लोग PDA की बात करते रहते हैं, लेकिन सपा का PDA वास्तव में परिवार डेवलपमेंट एजेंसी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर सपा गुंडों का साथ छोड़ दे तो पार्टी आज ही स्वाहा हो जाएगी और समाप्त हो जाएगी। मौर्य ने सपा को गुंडागर्दी से जुड़ा बताते हुए कहा कि यह पार्टी बिना ऐसे तत्वों के टिक नहीं सकती।
कांग्रेस पर भ्रष्टाचार का आरोप
उप मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि संसद में उनकी भाषा और व्यवहार ऐसा लगता है जैसे विश्व के सबसे लोकतांत्रिक देश का विपक्षी नेता बोल रहा हो, लेकिन उनके विचार घटिया हैं। मौर्य ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री को निशाना बनाते हैं और संसद की कार्यवाही में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का जन्म ही भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण की कोख से हुआ है।
सपा की विधानसभा में अराजकता
केशव मौर्य ने यूपी विधानसभा में सपा के व्यवहार की तुलना की। उन्होंने कहा कि सपा का हाल भी कांग्रेस जैसा है, जहां अराजकता फैलाई जाती है। उन्होंने पूर्व उदाहरण देते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेता प्रतिपक्ष के रूप में कैसे भाषण देते थे, सुन लें। जब बीजेपी विपक्ष में थी, तब सपा सरकार के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण पर हमारी प्रतिक्रिया क्या होती थी, वह भी देखें। लेकिन सपा हमेशा अराजकता फैलाती है।
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विपक्ष की सोच पर सवाल
मौर्य ने विपक्षी दलों की सोच पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये दल विकास की बात सोच भी नहीं सकते। उन्होंने जोर दिया कि यूपी और देश को विकसित बनाने के लिए मजबूत विजन चाहिए, जो सपा और कांग्रेस के पास नहीं है। यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है, जहां विपक्षी दल इसे चुनावी हमला मान रहे हैं।

















































