UP: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के रायबरेली (Raebareli) जिले में निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेस-वे (Ganga Expressway) पर रविवार शाम एक भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से पैदल चल रही नौ किशोर लड़कियां हादसे का शिकार हो गईं। इस दर्दनाक घटना में चार लड़कियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गई।
भंडारे से लौटते समय हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, सभी लड़कियां पास के एक गांव में आयोजित भंडारे में शामिल होकर प्रसाद लेकर पैदल घर लौट रही थीं। शाम का वक्त होने के कारण रोशनी कम थी। इसी दौरान निर्माणाधीन एक्सप्रेस-वे के सर्विस रोड या कच्चे हिस्से से गुजरते समय एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें कुचल दिया।
मृतकों की पहचान, गांव में मातम
हादसे में जान गंवाने वाली चारों लड़कियां नाबालिग थीं। मृतकों में राधा (14), काजल (15), प्रिया (13) और नेहा (16) शामिल हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि बाकी है। घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घायलों की हालत नाजुक
दुर्घटना में घायल पांच लड़कियों को तत्काल रायबरेली जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए कुछ को लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, दो घायलों की हालत बेहद चिंताजनक बनी हुई है।
हादसे के बाद मचा हड़कंप
घटना के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़े और पुलिस को सूचना दी। परिजन अस्पताल के बाहर बेसुध हालत में नजर आए, वहीं इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया।
तेज रफ्तार कार, चालक फरार
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कार की रफ्तार काफी तेज थी। हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने कार को कब्जे में ले लिया है और CCTV फुटेज व प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवारों का आरोप है कि निर्माणाधीन एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम नहीं हैं। न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग बनाया गया है। लोगों ने ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और राहत
हादसे की सूचना मिलते ही रायबरेली के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और जांच के आदेश दिए। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रशासन ने मृतक परिवारों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है, जबकि घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी।
बड़े प्रोजेक्ट्स की सुरक्षा पर सवाल
यह हादसा एक बार फिर बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में सुरक्षा मानकों की पोल खोलता नजर आ रहा है। निर्माणाधीन सड़कों पर तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही और सुरक्षा की अनदेखी आम लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है।

















































