अमेठी में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला: इन्हौना थाने के SI राजेश पाल रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम ने होटल से पकड़ा

अमेठी: उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में पुलिस विभाग के लिए शर्मिंदगी का एक और मामला सामने आया है। इन्हौना थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर (SI) राजेश पाल को एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी SI को अमेठी के एक होटल के कमरे से पकड़ा गया, जहां वह एक पीड़ित व्यक्ति से मामले की विवेचना (जांच) के नाम पर घूस ले रहा था।

घटना का पूरा विवरण

एंटी करप्शन संगठन को गुप्त सूचना मिली थी कि इन्हौना थाने के SI राजेश पाल एक पुराने मामले की जांच को जल्दी निपटाने और पक्ष में रिपोर्ट देने के बदले पैसे मांग रहा है। सूचना के आधार पर एसीबी टीम ने जाल बिछाया। पीड़ित व्यक्ति से संपर्क कर उसे रिश्वत की रकम लेकर होटल पहुंचने को कहा गया। तय योजना के अनुसार पीड़ित ने होटल के एक कमरे में SI राजेश पाल से मुलाकात की और रिश्वत की रकम सौंपी। जैसे ही लेन-देन पूरा हुआ, एसीबी टीम ने कमरे में छापा मारा और SI को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, SI राजेश पाल ने पीड़ित से 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। गिरफ्तारी के समय रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली गई। SI के पास से नकद राशि के अलावा मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।

एसीबी की कार्रवाई और मुकदमा

एंटी करप्शन ब्रांच ने SI राजेश पाल को गिरफ्तार करने के बाद उसे अमेठी सदर कोतवाली थाने में लाकर औपचारिक रूप से हिरासत में लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 8 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद SI को न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

एसीबी टीम ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि क्या SI राजेश पाल ने पहले भी इसी तरह की रिश्वत ली है या अन्य मामलों में भी भ्रष्टाचार किया है।

परिजनों और पीड़ित का बयान

पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि वह लंबे समय से थाने में चक्कर काट रहा था, लेकिन SI राजेश पाल जांच में जानबूझकर देरी कर रहा था और बार-बार पैसे मांग रहा था। मजबूरन उसने एंटी करप्शन को शिकायत की और जाल बिछाने में पूरा सहयोग किया। पीड़ित ने कहा कि अब उम्मीद है कि उसका मामला जल्द निपटेगा और न्याय मिलेगा।

पुलिस विभाग में हड़कंप

यह घटना अमेठी पुलिस लाइन में हड़कंप मचा गई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की रिपोर्ट मांगी है और विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। एसएसपी अमेठी ने कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है और दोषी पाए जाने पर किसी भी पुलिसकर्मी के साथ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।

भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का हिस्सा

यह गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश पुलिस में चल रहे भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। हाल के महीनों में कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की रिश्वत लेते गिरफ्तारी के मामले सामने आए हैं। एसीबी ने लोगों से अपील की है कि वे भ्रष्टाचार की शिकायत बेझिझक करें। शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

यह मामला एक बार फिर पुलिस विभाग में सुधार और जवाबदेही के मुद्दे को उजागर करता है। जांच पूरी होने के बाद SI राजेश पाल के खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई होने की उम्मीद है।