कानपुर:कानपुर में भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण कार्य की शिकायत करने वाली एक महिला को नगर निगम की ओर से नोटिस थमा दिया गया है। घटना वार्ड 18 के साकेत नगर इलाके की है, जहां महिला ने अपने मोहल्ले में चल रहे घटिया निर्माण कार्य और ठेकेदार की मिलीभगत की शिकायत की थी। शिकायत के कुछ दिनों बाद ही नगर निगम ने उसी महिला के मकान के बाहर लगे अतिक्रमण का हवाला देते हुए नोटिस जारी कर दिया। इस घटना से इलाके में आक्रोश है और लोग इसे शिकायतकर्ता को डराने-धमकाने की कोशिश बता रहे हैं।
शिकायत का पूरा मामला
साकेत नगर की रहने वाली महिला (नाम गोपनीय) ने कुछ दिनों पहले नगर निगम के उच्च अधिकारियों से शिकायत की थी कि वार्ड 18 में सड़क निर्माण और नाली निर्माण का कार्य बेहद घटिया तरीके से हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार ने घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया है, नाली की गहराई कम रखी गई है और सड़क की ऊंचाई भी ठीक नहीं की गई है। महिला ने फोटो और वीडियो के साथ शिकायत दर्ज कराई थी और जांच की मांग की थी।
शिकायत मिलने के बाद नगर निगम के इंजीनियर ने मौके पर दौरा किया, लेकिन इसके कुछ दिन बाद ही महिला को चौंकाने वाला नोटिस मिला। नोटिस में उनके मकान के बाहर लगी छोटी-सी छज्जा, टेंट हाउस या अन्य संरचना को अवैध अतिक्रमण बताते हुए 7 दिनों के अंदर हटाने का आदेश दिया गया है। नोटिस में कहा गया है कि यदि अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो नगर निगम खुद कार्रवाई करेगा और खर्च महिला से वसूला जाएगा।
महिला और स्थानीय लोगों का गुस्सा
महिला ने बताया कि उनका मकान कई साल पुराना है और बाहर जो संरचना है, वह पहले से मौजूद है। उन्होंने कहा, मैंने सिर्फ घटिया काम की शिकायत की थी, जिससे पूरे मोहल्ले को नुकसान हो रहा है। इसके बदले मुझे नोटिस थमा दिया गया। यह साफ है कि ठेकेदार और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत है। शिकायत करने वाले को ही सजा दी जा रही है।”
इलाके के अन्य निवासियों ने भी इसे अन्याय बताया। एक पड़ोसी ने कहा, “अगर निर्माण कार्य में गड़बड़ी है तो उसकी जांच होनी चाहिए, न कि शिकायतकर्ता को परेशान किया जाए। यह भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने जैसा है।”
नगर निगम का पक्ष
नगर निगम के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि नोटिस नियमों के अनुसार जारी किया गया है। उन्होंने दावा किया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सभी के खिलाफ की जा रही है और यह शिकायत से जुड़ा नहीं है। हालांकि, घटिया निर्माण की शिकायत पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई या रिपोर्ट सामने नहीं आई है।
प्रशासनिक जांच की मांग
स्थानीय लोगों ने नगर आयुक्त और जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। वे चाहते हैं कि घटिया निर्माण कार्य की जांच कर ठेकेदार पर कार्रवाई की जाए और महिला को अनावश्यक नोटिस से राहत दी जाए। कई लोग इसे व्हिसलब्लोअर को दबाने की कोशिश बता रहे हैं।
यह घटना कानपुर नगर निगम में पारदर्शिता और शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा के मुद्दे को फिर से उजागर कर रही है। अगर जांच में महिला की शिकायत सही पाई जाती है तो ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल साकेत नगर में तनाव का माहौल है और लोग न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।

















































