देश की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 फरवरी को सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत बने ‘सेवा तीर्थ’ और ‘कर्तव्य भवन-1 व 2’ का उद्घाटन करेंगे। पीएम मोदी कल दोपहर करीब 1:30 बजे सेवा तीर्थ भवन परिसर के नाम का अनावरण करेंगे। इसके बाद वह दोनों भवनों का औपचारिक उद्घाटन करेंगे और शाम करीब 6 बजे आयोजित जन कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
केंद्र सरकार के मुताबिक यह उद्घाटन भारत की प्रशासनिक शासन प्रणाली में एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी कदम माना जा रहा है। इसका उद्देश्य प्रशासन को अधिक आधुनिक, कुशल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाना है। अब तक कई महत्वपूर्ण मंत्रालय और सरकारी कार्यालय सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में अलग-अलग पुराने भवनों में संचालित हो रहे थे, जिससे समन्वय और कार्यप्रणाली में दिक्कतें आती थीं। नई इमारतों के शुरू होने से इन समस्याओं को दूर करने का दावा किया जा रहा है।
सेवा तीर्थ के उद्घाटन पर खास सिक्का जारी करेगी सरकार
नरेंद्र मोदी सरकार शुक्रवार को प्रधानमंत्री कार्यालय की नई इमारत सेवा तीर्थ के उद्घाटन के मौके पर 100 रुपये का सिक्का जारी करेगी. गुरुवार को वित्त मंत्रालय ने इस बारे में एक नोटिफिकेशन जारी किया था. नोटिफिकेशन के मुताबिक, सिक्के के अगले हिस्से पर बीच में अशोक पिलर का शेर होगा, जिसके नीचे हिंदी में सत्यमेव जयते लिखा होगा. बाईं तरफ देवनागरी में भारत और दाईं तरफ इंग्लिश में ‘INDIA’ लिखा होगा।सिक्के के पिछले हिस्से पर सेवा तीर्थ बिल्डिंग की तस्वीर होगी, जिस पर इंग्लिश और हिंदी में सेवा तीर्थ लिखा होगा. कमल के फूल की तस्वीर के साथ देवनागरी और इंग्लिश में ‘नागरिकदेवो भव’ लिखा होगा।
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सेवा तीर्थ में होंगे अहम राष्ट्रीय कार्यालय
सेवा तीर्थ भवन में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय को स्थान दिया गया है। ये सभी कार्यालय पहले अलग-अलग स्थानों से संचालित हो रहे थे, जिन्हें अब एक ही परिसर में लाया गया है।
असम को मिलेगी 40 हजार करोड़ की सौगात
आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साउथ ब्लॉक में कैबिनेट की आखिरी बैठक में इंफ्रा से जुड़े कुछ बड़े फैसले ले सकते हैं। आज की बैठक में चुनावी राज्य असम को बड़ी सौगात दे सकती है मोदी सरकार. पीएम मोदी कल असम दौरे पर रहेंगे उससे पहले ही कैबिनेट असम को कई बड़े फैसले को मंजूरी दे सकता है।
बताया जा रहा है कि 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मिल सकती है. इनमें सबसे प्रमुख परियोजना चुनावी राज्य असम में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे प्रस्तावित लगभग 19 हजार करोड़ रुपये की सड़क और रेल सुरंग है. इस परियोजना को क्षेत्रीय संपर्क और सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, यह सुरंग ब्रह्मपुत्र के नीचे बनाई जाएगी. यह असम के गोहपुर को नुमालीगढ़ से जोड़ेगी।
INPUT-ANANYA MISHRA












































