UP: उत्तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने विधानसभा के बजट सत्र 2026-27 के दौरान कहा कि राज्य सरकार पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं की शिक्षा को लेकर पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रवृत्ति के लिए निर्धारित आय सीमा वर्तमान में 2 लाख रुपये है, जिसे पूर्व सरकार के समय 1 लाख रुपये से बढ़ाया गया था और मौजूदा सरकार ने इसे यथावत बनाए रखा है।
किसी भी पात्र छात्र को वंचित नहीं रखा गया
मंत्री ने सदन को जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2023-24 से अब तक प्रदेश में एक भी पात्र छात्र-छात्रा को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित नहीं किया गया है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि इस योजना के लिए धन की कोई कमी न हो। उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी पात्र विद्यार्थियों को समय पर लाभ मिलता रहेगा।
बजट में तीन गुना वृद्धि, 38 लाख छात्रों को लाभ देने का लक्ष्य
नरेन्द्र कश्यप ने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार में विभाग का बजट 1,286 करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर योगी सरकार ने लगभग 3,500 करोड़ रुपये कर दिया है। उन्होंने इसे लगभग तीन गुना वृद्धि बताते हुए कहा कि इसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिल रहा है। इस वित्तीय वर्ष में 38 लाख छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।












































