पाकिस्तान की जेल में कैद पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई के प्रमुख इमरान खान की सेहत को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. सुप्रीम कोर्ट में उनके वकील सलमान सफदर ने डिटेल्ड रिपोर्ट पेश करते हुए बताया है कि इमरान की दाहिनी आंख की रोशनी 85 फीसदी तक जा चुकी है और अब केवल 15 फीसदी विजन ही बचा है. इस खुलासे ने पाकिस्तान की सियासत में एक बार फिर से हड़कंप मचा दिया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उनकी आंखों की जांच के लिए तुरंत एक मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया है।
तीन महीने तक नहीं कराया इलाज
वकील सलमान सफदर की तरफ से पेश 7 पेज की रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले साल अक्टूबर तक इमरान खान की आंखों की रोशनी पूरी तरह ठीक (6/6) थी. इसके बाद उन्हें दाहिनी आंख में धुंधलापन महसूस होने लगा. रिपोर्ट में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि इमरान ने अदियाला जेल के अधिकारियों से इस बारे में कई बार शिकायत की, लेकिन तीन महीनों तक उन्हें कोई इलाज नहीं दिया गया. समय पर इलाज न मिलने से उनकी आंख की स्थिति बिगड़ती चली गई।
आंख में क्लॉटिंग से गई रोशनी
रिपोर्ट में आगे बताया गया कि बाद में जब पीआईएमएस (PIMS) अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आरिफ ने उनकी जांच की, तब तक काफी नुकसान हो चुका था. आंख में खून के थक्के जमने की वजह से रोशनी काफी कम हो गई थी. वकील ने अदालत को बताया कि हालिया मुलाकात के दौरान इमरान खान की आंखों से लगातार पानी आ रहा था. उन्होंने मांग की है कि इमरान खान के निजी डॉक्टर डॉ. फैसल सुल्तान और डॉ. आसिम यूसुफ को तुरंत उनकी जांच करने की अनुमति दी जाए. ऐसा संभव न हो तो कोई भी क्वालिफाइड नेत्र रोग विशेषत्र से जांच कराई जाए।
मेडिकल बोर्ड बनाकर जांच का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने इन दलीलों को सुनने के बाद कड़ा रुख अपनाया. अदालत ने आदेश दिया है कि इमरान खान की आंखों की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित किया जाए और उन्हें उनके बच्चों से फोन पर बात करने की सुविधा दी जाए.चीफ जस्टिस अफरीदी ने सुनवाई के दौरान कहा कि इमरान की सेहत का मुद्दा अहम है और इसमें हमारा हस्तक्षेप जरूरी था। कोर्ट इमरान की हेल्थ के मामले पर सरकार का स्टैंड जानना चाहता है। CJP अफरीदी ने यह भी कहा कि इमरान की अपने बच्चों के साथ टेलीफोन कॉल का मुद्दा भी जरूरी है, उनकी बात बच्चों से होनी चाहिए।
पाकिस्तानी सरकार के रवैये पर सवाल
पाकिस्तान में इमरान खान की सेहत पर रवैये को लेकर सरकार की आलोचना हो रही है। पाकिस्तान के सीनियर पत्रकार जाहिद गिशकोरी ने एक्स पर एक पोस्ट करते हुए लिखा कि इमरान खान पर एमिकस क्यूरी सलमान सफदर की पूरी रिपोर्ट को पढ़ना चिंताजनक, दर्दनाक और उदास करने वाला है।
जाहिद ने लिखा है कि रिपोर्ट में जेल अधिकारियों की लापरवाही साफ दिखती है। इमरान की आंखों की रोशनी जाने की बात को अनसुना किया गया। यह मानवीय लिहाज से ठीक नहीं है। जेल में इमरान के रहने के हालात भी ठीक नहीं रखे गए। जेल में उन्हें खराब खाना खाने से कई बार फूड पॉइजनिंग हुई।
इमरान की सेहत की अनदेखी ना हो
जाहिद गिशकोरी का कहना है कि रिपोर्ट से साफ है कि इमरान खान को इलाज हॉस्पिटल ले जाने की जरूरत है। उनकी आंखों की रोशनी जाने का क्या होगा, यह अभी साफ नहीं है। इमरान खान की उम्र को देखते हुए यह जरूरी है कि उनका ध्यान रखा जाए। हालांकि सरकार का क्या रुख है, यह अभी देखना होगा।
बता दें कि इमरान खान 5 अगस्त 2023 को भ्रष्टाचार के मामले में सजा सुनाए जाने के बाद से जेल में है. उन्हें फिलहाल रावलपिंडी की हाई सिक्योरिटी अदियाला जेल में रखा गया है।
INPUT-ANANYA MISHRA











































