UP: ड्राइविंग लाइसेंस रैकेट का खुलासा, मुख्तार अंसारी गैंग से जुड़े लोग शामिल, परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने 25 जिलों में दिए जांच के आदेश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस (DL) जारी करने की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अवैध वसूली का मामला सामने आया है। सूत्रों के अनुसार यह रैकेट कथित तौर पर मुख्तार अंसारी गैंग से जुड़े लोगों द्वारा संचालित किया जा रहा था। निजी एजेंसियों और आउटसोर्स कर्मचारियों से हर महीने लाखों रुपये की वसूली की जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने तुरंत 25 जिलों में जांच के आदेश दिए हैं।

निजी एजेंसियों और कर्मचारियों पर दबाव

जानकारी के मुताबिक, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में कई निजी एजेंसियां और आउटसोर्स कर्मचारी शामिल हैं, जो आवेदन, स्लॉट बुकिंग, दस्तावेज़ सत्यापन और टेस्ट के काम करते हैं। आरोप है कि इन कर्मचारियों से हर महीने तय राशि की वसूली की जाती थी। अगर कोई कर्मचारी या एजेंसी इस राशि का भुगतान नहीं करता था तो उसके काम में रुकावट डाली जाती थी या उसे परेशान किया जाता था।

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मुख्तार अंसारी गैंग के लोग शामिल 

सूत्रों का कहना है कि यह वसूली नेटवर्क मुख्तार अंसारी गैंग से जुड़े कुछ लोगों द्वारा संचालित किया जा रहा था। गैंग के सदस्यों ने परिवहन विभाग के निचले स्तर के कर्मचारियों और निजी एजेंसियों को अपने नियंत्रण में ले रखा था। प्रत्येक DL आवेदन पर 200 से 500 रुपये की कटौती की जा रही थी, जिससे महीने में लाखों रुपये की अवैध कमाई हो रही थी।

परिवहन आयुक्त का कड़ा रुख

परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की है। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े निजी एजेंसियों, आउटसोर्स कर्मचारियों और सरकारी कर्मचारियों की पूरी जांच करें। जांच में यह पता लगाना है कि क्या कोई नेटवर्क सक्रिय है, किन लोगों का इसमें हाथ है और गैंगस्टर संगठन का इसमें कोई योगदान है। दोषी पाए जाने पर कड़ी विभागीय और आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।

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सार्वजनिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस मामले के उजागर होने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधा है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का कहना है कि मुख्तार अंसारी जैसे अपराधियों का प्रभाव अभी भी विभागों में कायम है। वहीं, सत्ता पक्ष ने कहा कि सरकार ने खुद मामले का संज्ञान लिया और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। परिवहन विभाग ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अवैध वसूली की सूचना तुरंत दें और ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से पूरा करें।

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