UP: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजनीतिक गलियारों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कभी बसपा में प्रभावशाली नेता रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी (Naseemuddin Siddiqui) अब समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) का दामन थाम सकते हैं। इससे पहले वे आठ साल तक कांग्रेस (Congress) में रहे, लेकिन हाल ही में उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। अब उनके अगले राजनीतिक ठिकाने के रूप में सपा का नाम सामने आ रहा है, जहां उनके शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है।
बसपा में था हाई-प्रोफाइल रुतबा
उत्तर प्रदेश में बसपा की सत्ता के समय नसीमुद्दीन सिद्दीकी पार्टी में नंबर दो की स्थिति में माने जाते थे। संगठन और सरकार में उनका काफी दबदबा था। लेकिन जैसे-जैसे समय बीता, उनका प्रभाव कम होता गया और पार्टी बदलने के बाद भी उन्होंने कोई बड़ा राजनीतिक दांव नहीं खेला। इससे यह साफ है कि उनकी राजनीतिक ताकत अब पहले जैसी नहीं रही।
जमीनी स्तर पर सक्रिय रहना है सिद्दीकी का मकसद
कांग्रेस छोड़ते समय नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने स्पष्ट किया था कि उनका किसी से कोई नाराजगी नहीं है। उन्होंने कहा कि खड़गे, राहुल, प्रियंका और सोनिया जी का वे हमेशा सम्मान करेंगे। उनका मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर सक्रिय रहना है, क्योंकि पिछले आठ सालों में वे ऐसा काम नहीं कर पाए। उनका कहना था कि मीडिया विभाग का अध्यक्ष बनाना या किसी समिति का सदस्य बनाना जमीनी काम नहीं है। वे संगठन के एक कर्मठ सदस्य के रूप में सक्रिय रहना चाहते हैं और यही वजह थी कि उन्होंने कांग्रेस का साथ छोड़ा।












































