UP: दिल्ली में शुक्रवार (13 फरवरी) को स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया। राजधानी में एक साथ 51 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का शुभारंभ किया गया, जिससे अब दिल्ली में इन केंद्रों की संख्या 370 तक पहुंच गई है। सरकार का कहना है कि यह तेजी और बड़े स्तर पर काम करने की उसकी क्षमता का प्रमाण है।
आम लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
सरकार ने बताया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर आम जनता के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रहे हैं। अब लोगों को मामूली बीमारियों के लिए बड़े अस्पतालों तक लंबी यात्रा करने की जरूरत नहीं है। इनके अपने इलाके में ही जांच, उपचार और जरूरी दवाइयां उपलब्ध हैं, और इनमें अधिकांश सेवाएं पूरी तरह मुफ्त हैं।
मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक दायरा
इन केंद्रों में मरीजों को मुफ्त जांच, दवाइयां, आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं, कैंसर की शुरुआती जांच, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु देखभाल जैसी सेवाएं मिल रही हैं। बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और गरीब परिवार इससे सबसे ज्यादा लाभान्वित हो रहे हैं। कई क्षेत्रों में ये केंद्र स्थानीय लोगों के लिए प्राथमिक उपचार का पहला विकल्प बन चुके हैं।
सरकार का बड़ा लक्ष्य
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह केवल शुरुआत है। आने वाले समय में दिल्ली में 1100 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्देश्य हर नागरिक को उनके घर के पास ही भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, जिससे सरकारी अस्पतालों पर भी दबाव कम होगा।
शुरुआती इलाज से लागत और जोखिम कम
केंद्र और राज्य सरकारें देशभर में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के प्रयास में लगी हैं। मोहल्ला स्तर पर इलाज मिलने से बीमारियों की पहचान शुरुआती चरण में हो जाती है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा कम होता है और इलाज का खर्च भी घटता है। दिल्ली के आयुष्मान आरोग्य मंदिर इसी सोच के तहत विकसित किए गए हैं। इस अवसर पर सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, विधायक करतार सिंह तंवर, निगम पार्षद सुंदर सिंह तंवर और स्थानीय लोग उपस्थित रहे और इस पहल की सराहना की।















































