UP: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर गंगा-जमुना तहजीब और भाईचारे का अनोखा नजारा देखने को मिला। मुस्लिम परिवार की रहने वाली तमन्ना मलिक (Tamanna Malik) ने बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा में शामिल होकर अमरोहा जिले की सीमा से गुजरी। इस दौरान उसका जगह-जगह भव्य स्वागत हुआ। तमन्ना के माथे पर तिलक लगा था और वह हजारों कांवड़ियों के साथ भोलेनाथ का जल चढ़ाने जा रही थी।
क्या है पूरी घटना?
तमन्ना मलिक मूल रूप से मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखती हैं। कुछ समय पहले उन्होंने अपनी इच्छा से हिंदू धर्म ग्रहण किया और अपना नाम तमन्ना मलिक रखा। इस साल शिवरात्रि के मौके पर उन्होंने कांवड़ यात्रा में शामिल होने का फैसला किया। रविवार को वह बुर्का पहनकर कांवड़ लेकर अमरोहा जिले की सीमा में दाखिल हुई। उसके साथ हजारों कांवड़िए थे।
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तमन्ना का जोरदार स्वागत
जैसे ही तमन्ना अमरोहा की सीमा में पहुंची, स्थानीय हिंदू संगठनों, कांवड़िया समूहों और आम लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। रास्ते में जगह-जगह फूलों की मालाएं पहनाई गईं, आरती उतारी गई और नारे लगाए गए। तमन्ना के माथे पर बड़ा तिलक लगा था और वह हाथ में कांवड़ लिए चल रही थी। कई लोगों ने उनके साथ फोटो खिंचवाई और वीडियो बनाए। यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
तमन्ना ने क्या कहा?
तमन्ना ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से हिंदू धर्म अपनाया है और भगवान शिव उनकी बहुत आराध्य हैं। उन्होंने कहा, ‘मैंने बुर्का इसलिए पहना क्योंकि यह मेरी पुरानी पहचान का हिस्सा है, लेकिन अब मैं भोलेनाथ की भक्त हूं। मुझे कहीं से भी कोई विरोध नहीं मिला, बल्कि सबने बहुत प्यार और सम्मान दिया।’ तमन्ना ने कहा कि वह कांवड़ लेकर हर साल जल चढ़ाने आएंगी।
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भाईचारे का माहौल
अमरोहा में जहां-जहां तमन्ना गुजरीं, वहां लोगों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया। कई जगहों पर उन्हें दूध, फल और मिठाई दी गई। कांवड़िया समूहों ने कहा कि यह गंगा-जमुना तहजीब का जीता-जागता उदाहरण है। हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग इस दृश्य को देखकर भावुक हो उठे।
सामाजिक प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस घटना को बहुत सराहा जा रहा है। लोग इसे UP की सांस्कृतिक एकता और धार्मिक सहिष्णुता का प्रतीक बता रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि “यह असली भारत है, जहां धर्म बदलने पर भी प्यार और सम्मान मिलता है।” वहीं कुछ लोगों ने इसे धार्मिक परिवर्तन के संदर्भ में भी देखा, लेकिन अधिकांश ने इसे भाईचारे की मिसाल बताया।
पुलिस और प्रशासन की व्यवस्था
कांवड़ यात्रा के दौरान अमरोहा पुलिस और प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। तमन्ना के साथ अतिरिक्त पुलिस बल भी था ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रही है।














































