गोरखपुर जिले के गोला बाजार क्षेत्र के गोपालपुर में रामजानकी मार्ग पर निर्माणाधीन नाले में बुधवार (11 फरवरी 2026) शाम को एक तीन साल के मासूम बच्चे कृष्णा के गिरने की घटना ने स्थानीय लोगों में खलबली मचा दी। बच्चा खेलते समय नाले में गिर गया, जहां पानी भरा हुआ था। आसपास के लोगों ने तुरंत बच्चे को बाहर निकाला और गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। पूरी घटना का वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें बच्चे के गिरने और लोगों द्वारा उसे बचाने का सीन साफ दिख रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह नाला छह महीने से अधूरा पड़ा है, जिससे बच्चों और राहगीरों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है।
नाले की स्थिति और निर्माण की लापरवाही
रामजानकी मार्ग का चौड़ीकरण और दोनों तरफ नाले का निर्माण करीब डेढ़ साल से चल रहा है। गोपालपुर में सिप्पू राय के घर के सामने उत्तर पटरी पर बन रहे नाले को कार्यदायी संस्था ने छह महीने पहले बनाकर छोड़ दिया। नाले पर कहीं स्लैब (ढक्कन) लगा है तो कहीं बिल्कुल नहीं। कई जगह स्लैब गायब या हटा दिए गए हैं, जिससे नाला खुला हुआ है और पानी से भरा रहता है। स्थानीय लोग सिप्पू राय, आनंद जायसवाल, सुशील शुक्ला, महेंद्र कसौधन और सुनील कुमार ने बताया कि पड़ोस के दो बच्चे निर्माणाधीन नाले पर रखे स्लैब पर खेल रहे थे। खेल-खेल में कृष्णा पीछे की ओर बढ़ा और पानी भरे नाले में गिर गया। उसकी चीख सुनकर लोग दौड़े और उसे बाहर निकाला।
स्थानीय लोगों की मांग और खतरे की चेतावनी
स्थानीय निवासियों ने कहा कि अधूरे नाले और गायब स्लैब की वजह से हर समय कोई भी गिर सकता है, खासकर बच्चे और बुजुर्ग। वे मांग कर रहे हैं कि नाले का काम तुरंत पूरा किया जाए, सभी जगह स्लैब लगाए जाएं और निर्माणाधीन हिस्सों को बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड से सुरक्षित किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से काम रुका हुआ है और प्रशासन की लापरवाही से ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। गनीमत रही कि इस बार बच्चा बच गया, लेकिन अगली बार बड़ा हादसा हो सकता है।
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एनएचएआई की प्रतिक्रिया और आश्वासन
मामले की जानकारी मिलने पर एनएचएआई (राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के जूनियर इंजीनियर अवधेश गुप्ता ने बताया कि मौके का निरीक्षण कराया गया है। उरुवा क्षेत्र में काम शुरू करा दिया गया है और गोला बाजार क्षेत्र में दो दिन के अंदर काम फिर से शुरू हो जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि नाले के अधूरे हिस्सों को जल्द पूरा किया जाएगा और स्लैब लगाकर सुरक्षित बनाया जाएगा। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार आश्वासन मिलते हैं लेकिन काम में देरी हो रही है।
समाज में चिंता और सबक
यह घटना एक बार फिर विकास कार्यों में लापरवाही और सुरक्षा के प्रति उदासीनता को उजागर करती है। निर्माणाधीन सड़कों और नालों के आसपास बच्चों के खेलने का खतरा हमेशा बना रहता है। स्थानीय लोग और सोशल मीडिया यूजर्स मांग कर रहे हैं कि ऐसी जगहों पर तत्काल बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और नियमित निगरानी हो। बच्चे की जान बच गई, लेकिन यह घटना प्रशासन के लिए चेतावनी है कि अधूरे प्रोजेक्ट्स को जल्द पूरा कर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
INPUT-ANANYA MISHRA













































