‘हर कोई रवि किशन तो नहीं कि रोज विवाह कर ले…’,गोरखपुर में CM योगी ने ली BJP सांसद रवि किशन की चुटकी

UP: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने गोरखपुर (Gorakhpur) में एक कार्यक्रम के दौरान BJP सांसद और अभिनेता रवि किशन (Ravi Kishan) पर मजाकिया अंदाज में चुटकी ली। कल्याण मंडपम के उद्घाटन के मौके पर उन्होंने कहा कि परिवार में मांगलिक कार्यक्रम की इच्छा सबको होती है, लेकिन आम आदमी रोज शादी नहीं कर सकता जैसे फिल्मों में दिखाते हैं, और न ही रवि किशन की तरह शीशमहल बना सकता है। यह टिप्पणी सुनकर मौजूद लोग हंस पड़े। CM योगी ने यह बात सरकारी कल्याण मंडपम की सस्ती सुविधाओं के संदर्भ में कही, जो सामान्य लोगों को शादी-विवाह जैसे कार्यक्रमों के लिए सस्ता विकल्प देती है।

शनिवार को गोरखपुर में CM योगी आदित्यनाथ ने दो नए कल्याण मंडपम (कल्यान मंडपम) का लोकार्पण किया। ये मंडपम 2.46 करोड़ रुपये की लागत से बने हैं और सामूहिक विवाह, मांगलिक कार्यक्रमों के लिए मात्र 11,000 से 25,000 रुपये में उपलब्ध होंगे। कार्यक्रम में मौजूद रवि किशन (गोरखपुर लोकसभा सांसद) भी थे। CM योगी ने मंच से विकास की बात करते हुए लोगों को बताया कि सरकार सामान्य परिवारों की मदद कर रही है, ताकि वे महंगे होटल या मैरिज हॉल पर निर्भर न रहें।

योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘परिवार के सभी लोग चाहते हैं कि घर में मांगलिक कार्यक्रम हो। अब सब कोई रवि किशन तो नहीं है, नहीं कि रोज विवाह कर ले। ये करते हैं न फिल्मों में। आम व्यक्ति होटल या मैरिज हॉल तो नहीं बुक कर सकता, न ही रवि किशन की तरह शीशमहल बना सकता।

यह टिप्पणी रवि किशन के घर को “शीशमहल” कहकर ली गई चुटकी का हिस्सा थी, जिसे CM योगी पहले भी कई बार इस्तेमाल कर चुके हैं (रवि किशन का घर रामगढ़ ताल के किनारे स्थित है, जिसे वे मजाक में शीशमहल कहते हैं)। यह सुनकर मंच पर मौजूद लोग और दर्शक ठहाके मारकर हंस पड़े। रवि किशन भी मुस्कुराते नजर आए।

योगी आदित्यनाथ और रवि किशन के बीच यह मजाकिया दोस्ती और चुटकियां गोरखपुर में आम हो गई हैं। CM योगी अक्सर रवि किशन पर हल्के-फुल्के तंज कसते हैं, जैसे उनके घर की कीमत, पैसा, या फिल्मी स्टाइल पर। इससे पहले भी उन्होंने रवि किशन के घर को ‘रामगढ़ ताल के शीशमहल’ कहा था, या उनके ‘माया-मोह’ पर टिप्पणी की थी। यह सब राजनीतिक मंचों पर हल्का-फुल्का माहौल बनाता है।

CM योगी ने जोर दिया कि ये कल्याण मंडपम गरीब और मध्यम वर्ग के लिए हैं, जहां सस्ते में शादी-विवाह जैसे कार्यक्रम हो सकें। सरकार सामूहिक विवाह के लिए 1 लाख रुपये तक सहायता भी देती है।