“मैंने राजीव गांधी को दिल्ली के मुग़ल-ए-आज़म से रोड मास्टर बना दिया” – मान्यवर कांशीराम का करारा जवाब, अमेठी चुनाव की यादें आज भी जीवंत

1989 के लोकसभा चुनाव में जब बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक मान्यवर कांशीराम ने अमेठी से तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ा, तो पार्टी के अधिकांश कार्यकर्ता (खासकर पंजाब से) ने विरोध जताया था। उनका कहना था कि कांशीराम ने कभी गांव के पंच का चुनाव भी नहीं लड़ा, फिर प्रधानमंत्री के खिलाफ खड़े होने की क्या जरूरत थी? किसी और सीट से चुनाव लड़ते तो जीत भी जाते। लेकिन कांशीराम ने उस समय जो जवाब दिया, वह आज भी राजनीतिक इतिहास में सुनहरा पन्ना है।

कांशीराम ने कहा-“मैंने जिस दिन अमेठी में पैर रखा, राजीव गांधी ने 1 घंटे के लिए भी अमेठी नहीं छोड़ी। 50 फुट की सड़कों से गुजरने वाले राजीव को 4-4 फुट की गलियों में घुमाया, जहां 24 घंटे पानी और कीचड़ खड़ा रहता था। जिन झुग्गियों में कभी बल्ब नहीं जलता था, वहां 100 वॉट के बल्ब राजीव गांधी को जलवाने पड़े।”

कांशीराम ने यह भी कहा कि कांग्रेस का जन्म 1885 में हुआ था और 1989 तक उसकी उम्र 104 साल हो चुकी थी। वहीं बसपा का जन्म 14 अप्रैल 1984 को हुआ था और उसकी उम्र महज 5 साल थी। फिर भी कांशीराम ने राजीव गांधी को चक्रव्यूह में उलझाकर कांग्रेस को 85 सीटों से बाहर कर दिया।

राजीव गांधी की हार के बाद जब उनसे मुलाकात हुई, तो राजीव गांधी ने दर्द भरे लहजे में कहा:
“बाबूजी, आपके कारण कांग्रेस 85 सीटें हारकर सत्ता से बाहर हो गई। अगर आप हमारे साथ मिलकर चुनाव लड़ते तो आपकी 3 से 30 सीटें आ जातीं और हमारी सरकार बच जाती।”

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कांशीराम ने बिना किसी झिझक के करारा जवाब दिया

“मुझे 3 से 30 सीटें न मिलने का कोई गम नहीं है। मुझे इस बात की खुशी है कि मैंने आपको दिल्ली के मुग़ल-ए-आज़म से दिल्ली का रोड मास्टर बना दिया है। अब भविष्य में जब भी मिलेंगे तो मैं आपको मुग़ल-ए-आज़म नहीं, बल्कि रोड मास्टर कहकर ही संबोधित करूंगा।”

कांशीराम ने आगे बताया कि राजीव गांधी के पास इतना समय नहीं बचा था कि वे आंध्र, कर्नाटक, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, बंगाल या गुजरात में अपने उम्मीदवारों के लिए प्रचार कर पाते। वे हर समय अमेठी में ही फंसे रहे। कांशीराम ने कहा:

अमेठी में कांशीराम को महज 25 हजार वोट मिले और उनकी जमानत जब्त हो गई, लेकिन उन्होंने कहा:
“मैंने राजीव गांधी को किसी नहर, नाले, तालाब, नदी या दरिया में डूबकर मरने लायक भी नहीं छोड़ा।”

INPUT-ANANYA MISHRA

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