राजस्थान के भिवाड़ी में केमिकल फैक्ट्री में भीषण धमाका, अवैध पटाखा निर्माण से 8 मजदूर जिंदा जले, बॉडी पार्ट्स पॉलीथीन में इकट्ठे किए गए 

राजस्थान के अलवर जिले के भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र (खुशखेड़ा करौली इंडस्ट्रियल एरिया) में सोमवार (16 फरवरी 2026) सुबह करीब 9:30 बजे एक केमिकल फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ। इस हादसे में 8 मजदूरों की मौके पर ही जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि 2 अन्य मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों को तुरंत दिल्ली के एम्स (AIIMS) रेफर कर दिया गया है। फैक्ट्री में अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे, जिसकी वजह से इतना भयानक हादसा हुआ। मौके पर बारूद, पटाखे, पैकिंग डिब्बे और रसायन बरामद हुए हैं।

धमाके की भयावहता

धमाका इतना तेज था कि फैक्ट्री का एक हिस्सा पूरी तरह तबाह हो गया। शव बुरी तरह जल चुके थे – कई के केवल कंकाल बचे थे, जबकि बॉडी पार्ट्स के टुकड़े इधर-उधर बिखरे पड़े थे। रेस्क्यू टीम (फायर ब्रिगेड, पुलिस और एसडीआरएफ) ने घंटों तक जले हुए शवों और बॉडी पार्ट्स को पॉलीथीन में इकट्ठा किया। घटना के समय फैक्ट्री में करीब 25 मजदूर काम कर रहे थे। धमाके के बाद पूरा इलाका धुएं से भर गया और आसपास के लोग दहशत में भागे।

अवैध पटाखा निर्माण का खुलासा

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि फैक्ट्री में केमिकल प्रोडक्ट्स के नाम पर अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे। पटाखों के लिए इस्तेमाल होने वाला बारूद, केमिकल और पैकिंग सामग्री बड़ी मात्रा में बरामद हुई है। फैक्ट्री लाइसेंस के बिना पटाखा निर्माण कर रही थी, जो पूरी तरह गैरकानूनी है। पुलिस ने कहा कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का कोई पालन नहीं किया जा रहा था – कोई फायर सेफ्टी उपकरण, वेंटिलेशन सिस्टम या आपातकालीन निकास नहीं था।

फैक्ट्री मालिक फरार

फैक्ट्री मालिक राजेंद्र (कुछ रिपोर्टों में राजेंद्र यादव) हादसे के बाद से लापता है। पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और छापेमारी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मालिक की लापरवाही और अवैध गतिविधियां हादसे की मुख्य वजह हैं।

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प्रशासन की प्रतिक्रिया

दोपहर करीब 12:30 बजे भिवाड़ी कलेक्टर अर्तिका शुक्ला मौके पर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि देखकर लग रहा है कि छोटे एक्सप्लोसिव मटेरियल (पटाखे संबंधित) से धमाका हुआ था, गैस रिसाव नहीं था। कलेक्टर ने कहा कि फैक्ट्री पूरी तरह सील कर दी गई है और जांच शुरू हो चुकी है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके से सबूत जुटाए हैं। घायलों के इलाज के लिए विशेष टीम गठित की गई है।

परिवारों में कोहराम

मृतकों के परिवार सदमे में हैं। अधिकांश मजदूर बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के गरीब परिवारों से थे। ग्रामीणों और मजदूर यूनियनों ने फैक्ट्री मालिक और प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। वे मांग कर रहे हैं कि अवैध फैक्ट्रियों पर सख्त कार्रवाई हो और पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जाए।

INPUT-ANANYA MISHRA

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