समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने सरकार को विरोध न सहन करने वाली, झूठी और भ्रष्टाचार से भरी बताते हुए कहा कि गरीबों, पिछड़ों, दलितों और मुसलमानों के साथ अन्याय हो रहा है। अखिलेश ने विकसित भारत राम जी योजना में बजट कटौती, पानी की टंकियों के गिरने और वोट कटवाने जैसे मुद्दों पर सरकार की पोल खोली। उन्होंने Gen Z युवाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री को ‘corrupt mouth’ करार दिया और RSS से जुड़े लोगों पर वंदे मातरम न गाने का आरोप लगाया। यह बयान UP बजट 2026-27 के बाद आया है, जिसे अखिलेश ने ‘बिदाई बजट’ बताया।
सरकार विरोध सहन नहीं करती
अखिलेश यादव ने कहा कि यह वह सरकार है जो विरोध स्वीकार ही नहीं सकती और अपना राग गाते रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हमारी आवाज दबा रही है और लोकतंत्र खतरे में है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश ने भाजपा सरकार को झूठ और भ्रष्टाचार की सरकार करार दिया। उन्होंने कहा कि इतनी झूठी सरकार हमने कभी नहीं देखी। सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि विरोध करने वालों को दबाया जा रहा है और सच्चाई बोलने वालों पर दबाव बनाया जा रहा है।
भ्रष्टाचार से गिर रही पानी की टंकियां
अखिलेश ने भाजपा सरकार में बन रही पानी की टंकियों पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि जितनी भी पानी की टंकियां बन रही हैं, वह भ्रष्टाचार का भार सह नहीं पा रही हैं, जिसकी वजह से टूट रही हैं। हाल ही में महोबा और अन्य जगहों पर गिरती टंकियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह ‘जल मिशन’ नहीं, ‘कमीशन मिशन’ है। अखिलेश ने आयोध्या रेलवे स्टेशन की गिरती दीवार का भी उदाहरण दिया और कहा कि भाजपा के ‘भ्रष्ट मॉडल’ से बनी चीजें टिक नहीं पा रही हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि ठेकेदार यूपी के ही रखें ताकि वे भाग न सकें।
बजट कटौती और योजनाओं पर सवाल
अखिलेश यादव ने विकसित भारत राम जी योजना में बजट कम होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नई योजनाओं का बजट कम किया जा रहा है और सरकार पिछले बजट का 50% भी खर्च नहीं कर पाई है। UP बजट 2026-27 को ‘बिदाई बजट’ बताते हुए उन्होंने कहा कि यह भाजपा की विदाई का बजट है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि कृषि, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और महिला कल्याण जैसे क्षेत्रों में आवंटन का आधा भी खर्च नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि बजट बड़ा दिखाकर सरकार लोगों को गुमराह कर रही है, लेकिन बेरोजगारी और महंगाई पर कोई ध्यान नहीं।
वोट कटवाने और सामाजिक अन्याय
अखिलेश ने आरोप लगाया कि केवल मुसलमानों, पिछड़ों, दलितों, आदिवासियों और गरीबों का फॉर्म 7 से नोटिस देकर वोट कटवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गरीबों और पिछड़ों पर अन्याय हो रहा है। Gen Z युवाओं की जागरूकता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री का मतलब ‘corrupt mouth’ निकाला है। अखिलेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (जिन्हें उन्होंने ‘बिष्ट जी’ कहा) पर तंज कसा और कहा कि उनके अनरजिस्टर्ड संघी साथियों ने वंदे मातरम कभी नहीं गाया- न आजादी के पहले, न बाद में।
JPNIC और RSS पर हमला
अखिलेश यादव ने JPNIC (जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर) का जिक्र किया और कहा कि जिसने इसे बनाया, वो भाजपा में चला गया। उन्होंने भाजपा से कहा कि पहले उसे अपनी पार्टी से निकालो। अखिलेश ने RSS पर आरोप लगाया कि उसके सदस्यों ने कभी वंदे मातरम नहीं गाया। उन्होंने सरकार को सांप्रदायिक और अलोकतांत्रिक बताते हुए कहा कि यह सबसे असभ्य मुख्यमंत्री वाली सरकार है। अखिलेश ने कहा कि भाजपा समाज को बांटने और ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है, लेकिन लोग अब जागरूक हो चुके हैं।
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संघर्ष जारी रखने का ऐलान
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने युवाओं, गरीबों और पिछड़ों से अपील की कि वे एकजुट हों और 2027 के चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर करें। अखिलेश ने कहा कि बजट में गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए कुछ नहीं है, यह केवल अमीरों और उद्योगपतियों के लिए है। उन्होंने लखनऊ की खराब वायु गुणवत्ता का भी जिक्र किया और कहा कि दिल्ली ही नहीं, लखनऊ की हवा भी खराब है। यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है और विपक्षी एकता को मजबूत करने का संकेत दे रहा है।










































