रायबरेली: उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी और मनरेगा के मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रही कांग्रेस को रायबरेली में बड़ा झटका लगा है. लखनऊ में विधानसभा घेराव के लिए निकलने से पहले ही भदोखर पुलिस ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष को उनके आवास पर नजरबंद कर दिया. इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली.
आपको बता दें कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने मनरेगा का नाम बदलने के प्रस्ताव और प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी के विरोध में लखनऊ कूच का आह्वान किया था. जैसे ही पुलिस को इसकी भनक लगी, सुबह-सुबह उनके आवास को छावनी में तब्दील कर दिया गया. पुलिस ने एहतियातन कार्रवाई (हाउस अरेस्ट) करते हुए उन्हें घर से बाहर निकलने से रोक दिया.
जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी ने कहा कि सरकार जनता की आवाज दबाना चाहती है। मनरेगा का नाम बदलना और युवाओं को रोजगार न देना गंभीर मुद्दा है. हम डरने वाले नहीं हैं. इसी तरह नगर पालिका चेयरमैन शत्रोहन सोनकर को भी शहर कोतवाली पुलिस ने उनके आवास पर नजरबंद कर दिया. चेयरमैन ने कहा कि सरकार जनसमस्याओं से घबराकर दमनात्मक कार्रवाई कर रही है. मनरेगा जैसे मुद्दों पर जनता की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है.
दरअसल प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व में आज मनरेगा बचाओ आंदोलन के तहत कांग्रेसी विधानसभा का घेराव करने वाले हैं।इसी के मद्देनजर रायबरेली पुलिस अलर्ट मोड़ पर आ गई थी. पिछले 24 घंटे से जिले के कई बड़े कांग्रेसी नेताओं को हाउस अरेस्ट कर उनके घरों के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है।
INPUT-ANANYA MISHRA










































