ब्रजेश पाठक बोले शंकराचार्य का चोटी खींचना महाअपराध है,

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद मामले में यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, ‘चोटी नहीं खींचना चाहिए था। जो भी दोषी है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।’ ब्रजेश पाठक ने कहा, आपको (पुलिसकर्मियों) बल का प्रयोग करना है तो आपको अन्य संसाधन मिले हैं। लाठी लीजिए। लेकिन चोटी खींचना नहीं चाहिए था। चोटी खींचना महाअपराध है। देखिएगा महापाप लगेगा। हम तो हिंदू माइथोलॉजी में विश्वास करते हैं। सबकुछ खाता बही में लिखा जा रहा है। उन्हें बहुत पाप पड़ेगा।डिप्टी सीएम का यह बयान ब्राह्मणों की नाराजगी के बीच डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

इससे पहले डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने प्रयागराज में कहा था कि पूज्य शंकराचार्य जी के चरणों में प्रणाम करता हूं और उनसे प्रार्थना करता हूं कि स्नान करें। किसी भी पूज्य संत या शंकराचार्य जी का अपमान हुआ है तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई करेंगे। हालांकि केशव शंकराचार्य से मिलने नहीं पहुंचे थे।

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बता दे माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पालकी में स्नान के लिए जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें रोकते हुए पैदल जाने को कहा. इस पर आपत्ति जताने के दौरान उनके शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। इस घटना से नाराज शंकराचार्य माघ मेला क्षेत्र स्थित अपने शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए. इस मामले में प्रशासन की ओर से अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को 48 घंटे के भीतर दो नोटिस जारी किए गए. पहले नोटिस में शंकराचार्य की पदवी के प्रयोग को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया, जबकि दूसरे नोटिस में मौनी अमावस्या के दौरान उत्पन्न विवाद को लेकर जवाब तलब किया गया.नोटिस में माघ मेले से प्रतिबंध की चेतावनी भी दी गई थी. बाद में अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने दोनों नोटिसों का जवाब प्रशासन को भेज दिया. इसके बाद से इसमें राजनीतिक दल भी कूद गए हैं।

INPUT-ANANYA MISHRA

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