लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के सातवें दिन मंगलवार को सदन में तीखी राजनीतिक बयानबाज़ी देखने को मिली। मत्स्य विभाग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के दौरान मंत्री संजय निषाद ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा और कहा कि “मछुआरों का हिस्सा मगरमच्छ लोग खा गए।”
सदन में बोलते हुए संजय निषाद ने कांग्रेस और बसपा पर सीधा हमला करते हुए कहा, “बड़ा वाला मगरमच्छ कांग्रेस खत्म हो गई, बसपा भी खत्म हो गई। अगर यही भाषा रही तो सपा भी खत्म हो जाएगी।”
“70 साल तक दबाया गया समाज”
संजय निषाद ने आगे कहा कि मछुआरा और निषाद समाज को दशकों तक हाशिये पर रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि “70 साल से इन मगरमच्छों ने हमें बोलने भी नहीं दिया।” मंत्री ने दावा किया कि मौजूदा सरकार मछुआरा समाज के हक और अधिकार सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाया जा रहा है
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राजनीतिक मायने
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बजट सत्र के दौरान इस तरह की तीखी बयानबाज़ी आगामी चुनावी समीकरणों का संकेत देती है। मछुआरा और निषाद समुदाय को साधने की कोशिशें प्रदेश की राजनीति में अहम मानी जाती हैं, और ऐसे बयान उसी रणनीति का हिस्सा समझे जा रहे हैं।
फिलहाल, मंत्री के बयान पर विपक्ष की ओर से और कड़ी प्रतिक्रिया आने की संभावना है, जिससे सदन के आगामी दिनों में और गर्माहट देखने को मिल सकती है।
INPUT-ANANYA MISHRA











































