यूपी के प्राइमरी स्कूलों में नौकरी की आस लगाए 20 से 25 लाख अभ्यर्थियों को तगड़ा झटका लगा है। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने विधानसभा में मंगलवार को कहा, सरकार बेसिक शिक्षा परिषद में नए शिक्षकों की भर्ती नहीं करेगी। मंत्री संदीप सिंह ने यह जवाब सपा विधायक अनिल प्रधान के सवाल पर लिखित में दिया।
अनिल प्रधान ने पूछा था कि क्या सरकार बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की भर्ती करेगी। मंत्री ने कहा, बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में सहायक अध्यापक के 46944 पद खाली हैं। सरकार 2022 के बाद TET पास अभ्यर्थियों के लिए शिक्षक भर्ती के नए पद सृजित करने पर कोई विचार नहीं करेगी। परिषदीय विद्यालयों में पर्याप्त संख्या में शिक्षक और शिक्षा मित्र कार्यरत हैं।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अनिल प्रधान ने कहा कि प्रदेश के लाखों डीएलएड और TET पास युवा वर्षों से भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। भर्ती न निकलने के कारण वे अन्य राज्यों में आवेदन करने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अदालत ने जिन शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य करने की बात कही है, उस पर सरकार क्या कदम उठाएगी। साथ ही शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के मानदेय बढ़ाने तथा नई भर्ती शुरू करने को लेकर भी सरकार की मंशा स्पष्ट करने की मांग की।
गौरतलब है कि प्रदेश में आखिरी बड़ी भर्ती 2019 में 69 हजार सहायक अध्यापकों की हुई थी। बाद में अदालत के आदेश पर 5,886 अभ्यर्थियों को 2022 में नियुक्ति मिली। इसके बाद से अब तक कोई नई भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। 69 हजार शिक्षक भर्ती से जुड़ा मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, जबकि हाईकोर्ट ने मेरिट सूची दोबारा जारी करने का निर्देश दिया था।
यूपी में हर महीने 200 से अधिक शिक्षक रिटायर हो जाते हैं। हर साल सवा दो लाख बीएड और दो लाख अभ्यर्थी बीटीसी उत्तीर्ण करते हैं। अब अगर सरकार भर्ती नहीं करेगी तो इन अभ्यर्थियों के सामने निजी स्कूल में ही काम करने या शिक्षण के अलावा कोई अन्य कार्य करने का ही विकल्प है।
INPUT-ANANYA MISHRA












































