UP: गोरखपुर (Gorakhpur) में उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के चेयरमैन के सीधे निर्देश पर विद्युत विभाग ने सख्त कदम उठाया है। खजनी उपखंड के एसडीओ भोलानाथ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन का कारण उपखंड में तीन अलग-अलग स्थानों पर मिली गड़बड़ियां और लापरवाही है। विभागीय जांच में एसडीओ की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद चेयरमैन ने कार्रवाई के आदेश दिए।
तीन मामलों में हुई लापरवाही
जांच में खजनी उपखंड के तीन अलग-अलग स्थानों पर गड़बड़ी सामने आई थी। इन मामलों में बिजली कनेक्शन, मीटर रीडिंग, बिलिंग और लाइन मेंटेनेंस से जुड़ी अनियमितताएं पाई गईं। विभाग ने पहले ही इन मामलों में दो जूनियर इंजीनियरों (JE) को निलंबित किया था। अब जांच पूरी होने पर एसडीओ भोलानाथ की लापरवाही भी साबित हुई, जिसके बाद उन्हें भी निलंबित कर दिया गया।
चेयरमैन के सख्त निर्देश
UPPCL चेयरमैन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विद्युत विभाग में किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को पारदर्शी और विश्वसनीय सेवा मिलनी चाहिए। खजनी उपखंड में हुई गड़बड़ियों की जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
विभागीय जांच और आगे की कार्रवाई
विभाग ने बताया कि तीनों मामलों की जांच पूरी हो चुकी है। एसडीओ के निलंबन के साथ ही उपखंड में नए प्रभारी एसडीओ की नियुक्ति की गई है ताकि बिजली आपूर्ति और सेवाओं में कोई व्यवधान न आए। निलंबित एसडीओ से विभागीय पूछताछ जारी है और यदि कोई बड़ा भ्रष्टाचार या वित्तीय अनियमितता सामने आती है तो मामला विजिलेंस या पुलिस में भी जा सकता है।
उपभोक्ताओं में राहत और उम्मीद
खजनी क्षेत्र के उपभोक्ताओं ने इस कार्रवाई की सराहना की है। कई लोग कह रहे हैं कि बिजली विभाग में लंबे समय से मीटर टैम्परिंग, फर्जी कनेक्शन और बिलिंग गड़बड़ी की शिकायतें थीं। अब उम्मीद है कि निलंबन और जांच से विभाग में सुधार होगा और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा मिलेगी।












































