मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने विधानसभा में बजट चर्चा के दौरान कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय आर्थिक प्रगति की है। उन्होंने बताया कि राज्य ने पिछड़े राज्यों की श्रेणी से निकलकर देश के अग्रणी तीन राज्यों में अपनी जगह बनाई है। 9,12,696 करोड़ रुपये के बजट को ऐतिहासिक बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री को दसवीं बार बजट पेश करने का अवसर मिला है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वित्तीय स्वीकृतियां समयबद्ध ढंग से जारी की जाती हैं और खर्च की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है।
राजकोषीय अनुशासन में सुधार का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने वित्तीय अनुशासन को प्राथमिकता दी है। वर्ष 2016-17 में जहां राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 4.39 प्रतिशत था, वह 2025-26 में घटकर 2.97 प्रतिशत रह गया है। इसी तरह राज्य की ऋणग्रस्तता भी लगभग 30 प्रतिशत से घटकर करीब 26 प्रतिशत पर आ गई है और अगले वित्तीय वर्ष तक इसे 23 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो 43,000 रुपये से बढ़कर 1,20,000 रुपये से अधिक हो चुकी है।
जीएसडीपी और अर्थव्यवस्था का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है। 2016-17 में 13 लाख करोड़ रुपये के आसपास रही जीएसडीपी अब बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। सरकार का लक्ष्य 2026-27 तक इसे 40 लाख करोड़ रुपये तक ले जाना है। उन्होंने इसे राज्य की नीतिगत स्पष्टता और प्रभावी प्रबंधन का परिणाम बताया।
कैपिटल एक्सपेंडिचर पर विशेष जोर
सरकार ने बुनियादी ढांचे में निवेश को प्राथमिकता दी है। 2016-17 में लगभग 71,000 करोड़ रुपये रहा पूंजीगत व्यय अब बढ़कर 1,77,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश से रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस क्षेत्र में लगाया गया प्रत्येक रुपया कई गुना प्रतिफल देता है। उन्होंने दोहराया कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य इसी रणनीति के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है।
संवाद और संसदीय परंपरा पर जोर
मुख्यमंत्री ने सदन के संचालन के लिए अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया और कहा कि दो सप्ताह तक चले बजट सत्र में सार्थक चर्चा हुई। वित्त मंत्री Suresh Kumar Khanna द्वारा प्रस्तुत बजट पर सत्ता और विपक्ष दोनों पक्षों के सदस्यों ने अपने विचार रखे। नेता प्रतिपक्ष Mata Prasad Pandey और वरिष्ठ सदस्य Shivpal Singh Yadav सहित कुल 167 विधायकों ने चर्चा में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने इसे स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा बताते हुए कहा कि संवाद ही समस्याओं के समाधान का सर्वोत्तम मार्ग है।










































