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‘प्रशिक्षु से SVPNPA निदेशक तक…’, 1994 बैच के IPS सुजीत पांडे का प्रेरणादायक सफर

1994 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुजीत पांडे ने हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) के निदेशक का पदभार ग्रहण कर लिया है। यह नियुक्ति उनके लंबे, प्रभावशाली और उत्कृष्ट पुलिस सेवा करियर का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है। विशेष बात यह है कि जिस संस्थान से उन्होंने एक प्रशिक्षु पुलिस अधिकारी के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी, अब उसी प्रतिष्ठित अकादमी का नेतृत्व उनके हाथों में है।

उत्तर प्रदेश के कई अहम जिलों और विभागों में निभाई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां

1994 बैच के आईपीएस अधिकारी सुजीत पांडे ने उत्तर प्रदेश के पूर्वी से लेकर पश्चिमी क्षेत्र तक विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं। उन्होंने कई अहम जिलों में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के रूप में कार्य किया। इसके बाद पुलिस विभाग में आईजी, एडीजी और डीजी स्तर के विभिन्न रेंज, जोन और विभागों की जिम्मेदारियां भी सफलतापूर्वक निभाईं।

सीबीआई में हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच में निभाई अहम भूमिका

सुजीत पांडे का कार्यकाल केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) में भी बेहद उल्लेखनीय रहा। इस दौरान उन्होंने कई चर्चित और संवेदनशील मामलों की जांच का नेतृत्व किया तथा विभिन्न मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की। उनकी कार्यशैली निष्पक्षता, पारदर्शिता और पेशेवर दक्षता के लिए जानी जाती रही है।

यूपी STF प्रमुख रहते संगठित अपराध पर कसा शिकंजा

उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के आईजी के रूप में सुजीत पांडे ने संगठित अपराध और कुख्यात अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए। उनके नेतृत्व में कई बड़े अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि कई वांछित अपराधी पुलिस मुठभेड़ों में ढेर हुए। उनके कार्यकाल को अपराध नियंत्रण के लिहाज से काफी प्रभावी माना जाता है।

लखनऊ के पहले पुलिस कमिश्नर के रूप में छोड़ी अलग पहचान

सुजीत पांडे को लखनऊ का पहला पुलिस कमिश्नर बनने का भी गौरव प्राप्त है। उन्होंने कमिश्नरेट प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करने के साथ आधुनिक पुलिसिंग का उदाहरण पेश किया। उनके नेतृत्व में राजधानी की कानून-व्यवस्था को नई दिशा मिली और पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह एवं तकनीक आधारित बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

कोरोना महामारी के दौरान निभाई अग्रिम पंक्ति की भूमिका

कोविड-19 महामारी के कठिन दौर में, जब पूरा देश अभूतपूर्व संकट से जूझ रहा था, उस समय सुजीत पांडे स्वयं सड़कों पर उतरकर लोगों की सुरक्षा, राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करते नजर आए। उन्होंने लॉकडाउन के दौरान पुलिस बल का प्रभावी नेतृत्व किया और जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाई।

मेरठ, आगरा, प्रयागराज और लखनऊ जोन में प्रशासनिक अनुभव

सुजीत पांडे ने मेरठ, आगरा, प्रयागराज और लखनऊ जैसे महत्वपूर्ण पुलिस जोनों में प्रशासनिक नेतृत्व किया। इन क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था की जटिल चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करते हुए उन्होंने प्रभावी पुलिसिंग और बेहतर प्रशासनिक क्षमता का परिचय दिया।

प्रशिक्षु से निदेशक बनने तक का प्रेरणादायक सफर

सुजीत पांडे की सेवा यात्रा का सबसे प्रेरणादायक पहलू यह है कि जिस राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में उन्होंने एक प्रशिक्षु अधिकारी के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त किया था, आज उसी संस्थान के निदेशक के रूप में वह नई पीढ़ी के पुलिस अधिकारियों का मार्गदर्शन करेंगे। यह उपलब्धि उनके समर्पण, ईमानदारी, नेतृत्व क्षमता और तीन दशकों से अधिक की उत्कृष्ट सेवा का प्रमाण मानी जा रही है।

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