बांदा: अयोध्यावासी वैश्य समाज को उत्तर प्रदेश की अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) सूची में शामिल करने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। अयोध्यावासी वैश्य आरक्षण अभियान समिति ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर समाज को राज्य की OBC सूची में शामिल किए जाने की मांग की है।
तीन दशक से उठ रही मांग, अब हो फैसला
समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि अयोध्यावासी वैश्य समाज पिछले करीब 30 वर्षों से OBC में शामिल किए जाने की मांग करता आ रहा है।ज्ञापन में दावा किया गया है कि पिछड़ा वर्ग आयोग ने वर्ष 2012 में सर्वेक्षण के बाद समाज को राज्य पिछड़ा वर्ग में शामिल करने की संस्तुति की थी,लेकिन इसके बावजूद अब तक मांग पूरी नहीं हुई।
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आर्थिक-सामाजिक पिछड़ेपन का दिया हवाला
ज्ञापन में समाज की आर्थिक,सामाजिक और शैक्षणिक स्थिति को कमजोर बताते हुए कहा गया है कि बड़ी संख्या में लोग रेहड़ी,ठेला और छोटे कारोबार के जरिए परिवार चलाते हैं।संगठन ने सरकार से समाज की मौजूदा सामाजिक-आर्थिक स्थिति का परीक्षण कराकर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
पूर्व संस्तुतियों पर पुनर्विचार की मांग
समिति का कहना है कि वर्ष 2023 में भी इस संबंध में सरकार को प्रत्यावेदन दिया गया था।संगठन ने पिछड़ा वर्ग आयोग की पूर्व संस्तुतियों पर पुनर्विचार कराने और अयोध्यावासी वैश्य समाज को राज्य OBC सूची में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की है।ज्ञापन में संगठन ने अन्य वैश्य समुदायों के OBC सूची में शामिल होने का उल्लेख करते हुए कहा है कि अयोध्यावासी वैश्य समाज को भी समान आधार पर विचार का अवसर मिलना चाहिए।
साथ ही बिहार में अवध बनिया समुदाय को आरक्षण मिलने का हवाला भी दिया गया है।अयोध्यावासी वैश्य आरक्षण अभियान समिति के संयोजक/अध्यक्ष रामेन्द्र कुमार,महामंत्री पुरुषोत्तम गुप्ता,संगठन मंत्री एडवोकेट दिनेश कुमार गुप्ता,सचिव/मीडिया प्रभारी शिवगोपाल गुप्ता,उपाध्यक्ष नंदनी गुप्ता समेत अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पूर्व में हुई संस्तुतियों और उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा कर अयोध्यावासी वैश्य समाज को राज्य OBC सूची में शामिल करने पर नियमानुसार निर्णय लिया जाए।
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