UP: रायबरेली में DJ की तेज आवाज पर लगेगी लगाम, नियम तोड़ने पर होगी FIR

UP: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में तेज आवाज के कारण मासूम बच्ची की मौत की घटना के बाद रायबरेली पुलिस-प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है। आगामी त्योहारों को देखते हुए जिले में डीजे संचालकों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने साफ कर दिया है कि तय मानकों से अधिक आवाज में डीजे बजाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जिले में करीब 800 डीजे संचालक रडार पर

रायबरेली में करीब 800 डीजे संचालक सक्रिय हैं। पुलिस का कहना है कि समय-समय पर संचालकों को ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों की जानकारी दी जाती है, इसके बावजूद कुछ लोग निर्धारित सीमा से अधिक तेज आवाज में डीजे बजाते हैं। तेज ध्वनि से बुजुर्गों, बच्चों, मरीजों और आम लोगों को होने वाली परेशानी को देखते हुए अब ऐसे संचालकों पर विशेष नजर रखी जाएगी।

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थाना स्तर पर होगी डीजे संचालकों की बैठक

बलरामपुर की घटना को गंभीरता से लेते हुए जिले के सभी थाना प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों को कहा गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के डीजे संचालकों के साथ बैठक कर ध्वनि प्रदूषण के नियमों की जानकारी दें। साथ ही ऐसे संचालकों को भी चिन्हित किया जा रहा है, जो चेतावनी के बावजूद नियमों का उल्लंघन करते हैं।

जानिए अलग-अलग क्षेत्रों में कितनी है ध्वनि सीमा

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अजय कुशवाहा के मुताबिक ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों के तहत रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक डीजे और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है। आवासीय क्षेत्रों में दिन के समय 55 और रात में 45 डेसीबल, जबकि व्यावसायिक क्षेत्रों में यह सीमा क्रमशः 65 और 55 डेसीबल है। औद्योगिक क्षेत्रों में दिन में 75 और रात में 70 डेसीबल की सीमा निर्धारित है। वहीं अस्पताल, स्कूल और न्यायालय के आसपास दिन में 50 तथा रात में 40 डेसीबल से अधिक शोर की अनुमति नहीं है।

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नियम तोड़े तो सीधे होगी कार्रवाई

अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि बलरामपुर की घटना के बाद डीजे संचालकों की निगरानी को लेकर विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। आगामी त्योहारों के मद्देनजर पुलिस थाना स्तर पर संचालकों को नियमों के बारे में जागरूक करेगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि समझाने और चेतावनी देने के बाद भी यदि कोई संचालक निर्धारित मानकों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ एफआईआर समेत नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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