UP: बांदा के केन नदी के तट से निकलने वाले दुर्लभ शजर पत्थर की पहचान अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचने जा रही है। बांदा की खास पहचान बन चुके इस प्राकृतिक पत्थर को ग्रेटर नोएडा में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 में प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजन में शजर पत्थर के दो विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां देश-विदेश से आने वाले कारोबारी और खरीदार इसके अनोखे उत्पादों को देख सकेंगे। इससे स्थानीय कारोबारियों को नए बाजार और बड़े ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।
शजर पत्थर में दिखती है कुदरत की अनोखी तस्वीर
बांदा के शजर पत्थर की सबसे खास बात इसकी प्राकृतिक बनावट है। पत्थर को काटने और तराशने के बाद इसके भीतर पेड़-पौधों और प्राकृतिक दृश्यों जैसी आकृतियां उभरती हैं। इन आकृतियों की वजह से हर शजर पत्थर अपने आप में अलग दिखाई देता है। स्थानीय कारीगर अपनी कला और बारीक नक्काशी के जरिए इन पत्थरों को आकर्षक सजावटी वस्तुओं और कलाकृतियों का रूप देते हैं।
ओडीओपी के तहत दो उद्यमियों का चयन
उद्योग विभाग के संयुक्त आयुक्त सुधीर श्रीवास्तव के मुताबिक, एक जनपद-एक उत्पाद (ODOP) योजना के तहत बांदा के दो उद्यमियों—द्वारिका प्रसाद सोनी और अर्जुन गुप्ता—का चयन किया गया है। दोनों उद्यमी ग्रेटर नोएडा में अलग-अलग स्टॉल लगाकर शजर पत्थर से तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी लगाएंगे। इस दौरान उन्हें संभावित खरीदारों और व्यापारियों से सीधे संपर्क करने का अवसर मिलेगा।
ट्रेड शो से नए बाजारों तक पहुंचने की उम्मीद
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो शजर पत्थर से जुड़े कारोबारियों के लिए अपने उत्पादों को बड़े बाजार में पेश करने का अहम मंच साबित हो सकता है। देश के अलग-अलग हिस्सों के अलावा विदेशी खरीदार भी यहां उत्पादों की गुणवत्ता और डिजाइन को करीब से देख सकेंगे। इससे बांदा के शजर उत्पादों को नए ग्राहक और व्यापारिक साझेदार मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
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बढ़ सकता है कारोबार, कारीगरों को मिलेंगे नए अवसर
अंतरराष्ट्रीय मंच पर शजर पत्थर की प्रदर्शनी से बांदा के पारंपरिक हस्तशिल्प को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। यदि ट्रेड शो के दौरान कारोबारियों को बड़े ऑर्डर मिलते हैं तो इसका सीधा लाभ स्थानीय कारीगरों और इस क्षेत्र से जुड़े लोगों को मिल सकता है। इससे शजर पत्थर के कारोबार का विस्तार होने के साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की संभावना है।














