Mathura: धार्मिक स्थलों के लाउडस्पीकर और शोभायात्राओं में तेज आवाज में बजने वाले डीजे से होने वाले ध्वनि प्रदूषण को लेकर व्यापारियों ने नाराजगी जताई है। नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के पदाधिकारियों ने नगर अध्यक्ष सुनील अग्रवाल के नेतृत्व में नगर मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्रा से मुलाकात कर उच्च न्यायालय के आदेश का पालन कराने और तेज आवाज पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की।
जानिए क्या है पूरा मामला?
व्यापारियों ने कहा कि नगर में आए दिन निकलने वाले डोले, शोभायात्राओं और अन्य आयोजनों में तेज ध्वनि के कारण दुकानों पर बैठना मुश्किल हो रहा है। तेज कंपन से दुकानों में रखा सामान गिरने और टूटने से व्यापारियों को नुकसान हो रहा है। वहीं ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मुख्य मार्गों पर स्थित अस्पतालों, डॉक्टरों के क्लीनिक और बीमार लोगों के घरों पर भी तेज आवाज का असर पड़ रहा है। पुरानी आबादी के मकानों में तेज ध्वनि के कारण कंपन और हिलने जैसी स्थिति बनने की बात व्यापारियों ने कही। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार निर्धारित सीमा में ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल होना चाहिए। व्यापारियों ने तेज आवाज के कारण बलरामपुर में हाल में हुई मौत का हवाला देते हुए कहा कि मथुरा में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए आयोजकों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।
नगर मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्रा ने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि ध्वनि प्रदूषण गंभीर समस्या है। उन्होंने कहा कि तीन दिन के भीतर नगर निगम, प्रदूषण विभाग और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ डीजे संचालकों व ध्वनि विस्तारक यंत्रों से जुड़े लोगों की बैठक की जाएगी। इसमें निर्धारित ध्वनि सीमा और न्यायालय के आदेशों का पालन करने के निर्देश दिए जाएंगे। उल्लंघन करने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल में महानगर अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, महामंत्री शशिभानु गर्ग, सुनील साहनी, उपाध्यक्ष राजनारायण गौड़, सहमहामंत्री भगवान चतुर्वेदी और युवा नगर अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल मौजूद रहे।














