UP: उत्तर प्रदेश विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ने लगी है। भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को प्रदेश की छह विधान परिषद सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए। इनमें इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अशोक कुमार राठौर को भाजपा ने उम्मीदवार बनाया है। प्रत्याशी के नाम की घोषणा के साथ ही इस सीट को लेकर चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है।
बांदा समेत कई जिलों में हैं स्नातक मतदाता
इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के तहत बांदा समेत कई जिलों के स्नातक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में भाजपा की ओर से अशोक कुमार राठौर को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद संबंधित जिलों में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही राजनीतिक दलों ने भी अपनी तैयारियों और मतदाताओं से संपर्क की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।
तीन स्नातक और तीन शिक्षक सीटों पर BJP ने घोषित किए उम्मीदवार
भाजपा ने विधान परिषद की छह सीटों के लिए जारी सूची में तीन स्नातक और तीन शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के प्रत्याशियों के नाम घोषित किए हैं। वाराणसी स्नातक सीट से केदार नाथ सिंह, मेरठ स्नातक सीट से दिनेश गोयल और इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट से अशोक कुमार राठौर को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में वाराणसी से डॉ. प्रमोद मिश्रा, आगरा से इंजीनियर हरि किशोर तिवारी और गोरखपुर-फैजाबाद से ध्रुव त्रिपाठी को मैदान में उतारा गया है।
29 सितंबर से नामांकन शुरू, 6 अक्टूबर तक मौका
विधान परिषद की इन सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू हो गई है, जो 6 अक्टूबर तक चलेगी। नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को की जाएगी, जबकि 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 23 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा और 27 अक्टूबर को मतगणना प्रस्तावित है।
बांदा में भी तेज होगी चुनावी गतिविधियां
अशोक कुमार राठौर के नाम की घोषणा के बाद बांदा में भी चुनावी हलचल बढ़ने के आसार हैं। स्नातक मतदाताओं के बीच संपर्क अभियान, बैठकें और जनसंपर्क गतिविधियां तेज हो सकती हैं। इसके साथ ही राजनीतिक दलों की ओर से बूथ स्तर पर तैयारियों और मतदाता सूची से जुड़ी गतिविधियों पर भी जोर दिया जाएगा।














