बरेली में 11 हजार वोल्ट की लाइन बनी जानलेवा, 3 महीने में 4 मौतों का दावा; ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन

बरेली: थाना मीरगंज क्षेत्र के गांव धन्तिया में आबादी के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन ग्रामीणों के लिए खतरा बनी हुई है। शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर लाइन को गांव से हटाने की मांग को लेकर प्रशासन को प्रार्थना पत्र सौंपा।

ग्रामीणों ने बताया कि 28 सितंबर की शाम करीब 7:45 बजे सोमपाल घर की छत से नीचे उतरते समय हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए। करंट लगने से उनका शरीर बुरी तरह झुलस गया। ग्रामीणों का दावा है कि पिछले तीन महीनों में इसी तरह के हादसों में प्रदीप पुत्र रामपाल, पूनम पुत्री संतोष, भागीरथ पुत्र केवलराम और रामनिवास की पत्नी की मौत हो चुकी है। लगातार हादसों के चलते ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश है।

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ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि गांव की आबादी के बीच से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की लाइन को बंद कर उसके तार तत्काल हटाए जाएं। साथ ही गांव के बाहर से कम क्षमता वाली बिजली लाइन को दोबारा चालू कराने की मांग की गई। ग्रामीणों का कहना है कि इससे बिजली आपूर्ति भी बनी रहेगी और हादसों का खतरा भी कम होगा।

प्रार्थना पत्र में ग्रामीणों ने बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई की मांग भी की है। प्रार्थना पत्र पर भूपेंद्र सिंह, सुरेश चंद्र, वीरेश, भगवान स्वरूप, शिवशंकर, रूपेंद्र शर्मा, कुलदीप सिंह, विजय पाल, विजेंद्र सिंह, सुंदरलाल, शिवकरण, देवराज और धर्मपाल सिंह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों के हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान हैं।

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