रायबरेली: विभिन्न समस्याओं के समाधान की लंबे समय से चल रही मांग अनसुनी होने पर शनिवार से लेखपालों ने कार्यबहिष्कार का बिगुल फूंक दिया है। जिले की सभी तहसीलों में लेखपालों ने काम से विरत रहकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। इस आंदोलन के चलते राजस्व से जुड़े रोजमर्रा के कामकाज बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका बन गई है।
शनिवार सुबह से ही सभी तहसीलों के परिसरों में लेखपाल एकत्र हुए और उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि उनकी समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। मजबूरन उन्हें आंदोलन का यह रास्ता अपनाना पड़ा है।
सदर तहसील के लेखपाल संघ के अध्यक्ष प्रदीप पटेल ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का निस्तारण शीघ्र नहीं किया गया, तो यह आंदोलन और अधिक व्यापक रूप लेगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रदर्शन के दौरान लेखपालों ने एक स्वर में दोहराया कि जब तक उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक उनका यह संघर्ष और कार्यबहिष्कार जारी रहेगा।
लेखपालों के इस आंदोलन से आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, खतौनी संशोधन, पैमाइश और भूमि विवादों से जुड़े कार्यों के लिए आने वाले आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कार्यबहिष्कार के कारण राजस्व विभाग के रोजमर्रा के कामकाज ठप होने की स्थिति उत्पन्न हो गई है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गतिरोध को समाप्त करने के लिए क्या कदम उठाता है।
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