बाराबंकी: तहसील रामनगर में कथित भ्रष्टाचार, मनमानी और अव्यवस्थाओं को लेकर तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शिव प्रकाश अवस्थी और महामंत्री कमला पति तिवारी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी बाराबंकी को नौ सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि पूर्व में उपजिलाधिकारी को मांग पत्र सौंपने और वार्ता होने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। इससे अधिवक्ताओं के साथ वादकारियों और आमजन में भी नाराजगी है। तहसीलदार के स्थानांतरण के बाद बार एसोसिएशन ने जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप कर प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
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ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि तहसील के विभिन्न न्यायालयों में दाखिल-खारिज के वादों में रिपोर्ट पूर्ण होने के बाद भी निर्धारित समय में आदेश पारित नहीं किए जा रहे हैं। पारित आदेशों का अमल कराने में भी अनावश्यक देरी किए जाने का आरोप लगाया गया है। अधिवक्ताओं ने प्रत्येक पटल पर निजी कर्मियों की भूमिका की जांच कराने तथा सीसीटीवी फुटेज की जांच कर कार्रवाई की मांग की।
बार का आरोप है कि कई कर्मचारी वर्षों से एक ही पटल पर तैनात हैं और उनका पटल परिवर्तन नहीं किया गया। कर्मचारियों के बीच मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बावजूद कार्रवाई न होने पर भी सवाल उठाए गए हैं।
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ज्ञापन में प्रस्तावित नेशनल हाईवे की प्रतिबंधित गाटाओं की रजिस्ट्री और साठगांठ से दाखिल-खारिज किए जाने की भी जांच की मांग की गई। धारा-80, 38 और 24 से जुड़े मामलों में समय से रिपोर्ट न लगने, आदेशों का अनुपालन न होने तथा जनशिकायतों की अनदेखी का आरोप लगाया गया।अधिवक्ताओं ने लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों द्वारा निर्धारित स्थान पर बैठने के बजाय वादकारियों को आवास पर बुलाने के आरोपों की भी जांच की मांग की। बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो अधिवक्ता आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
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