रायबरेली: विदेशी नागरिकों के अवैध प्रवास के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सलोन कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। वीजा की वैध अवधि समाप्त होने के बाद भी चुपचाप भारत में रह रही उज्बेकिस्तान की एक महिला के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी महिला को कानूनी प्रक्रिया के तहत नारी निकेतन भेज दिया गया है, और मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी गई है।
सलोन कोतवाली में अर्चित अग्रवाल की ओर से दी गई लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने उज्बेकिस्तानी नागरिक मदीना खोन निनोना के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, महिला के पिता का नाम कखरामोल है और वह मूल रूप से उज्बेकिस्तान के फरगाना शहर स्थित मारगिलेन विलायत की रहने वाली है। वर्तमान में उसका पता उमरजाकोव कखरामोन, 63/9 (नियर चोपल, किशनगढ़, वसंतकुंज, साउथ वेस्ट दिल्ली) दर्ज कराया गया है।
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जांच में सामने आया कि महिला का भारतीय वीजा 24 अक्टूबर 2024 से 23 अक्टूबर 2025 तक ही वैध था। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद भी वीजा का नवीनीकरण कराए बिना और बिना किसी आधिकारिक सूचना के उसका भारत में रहना नियमों का खुला उल्लंघन है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है।
कानून का उल्लंघन करने पर कड़ी सजा का प्रावधान
विदेशी अधिनियम और मौजूदा कानूनों के अनुसार, वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी भारत में अवैध रूप से रहना एक गंभीर अपराध माना गया है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की कैद, तीन लाख रुपये तक का जुर्माना, या दोनों का प्रावधान है।
हालांकि, कुछ विशेष परिस्थितियों और नियमों के तहत ओवरस्टे के ऐसे मामलों में निर्धारित जुर्माना राशि जमा कर कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का भी प्रावधान तय किया गया है। स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि महिला इतने लंबे समय से सलोन क्षेत्र में किसके संपर्क में थी और यहाँ किस उद्देश्य से रह रही थी।
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