CM बनना चाहता तो कोई रोक नहीं सकता था, नरेश अग्रवाल का सबसे बड़ा खुलासा!

नरेश चंद्र अग्रवाल (Naresh Chandra Agarwal) उत्तर प्रदेश विधानसभा की राजनीति में एक मजबूत और लगातार सक्रिय चेहरा रहे हैं। वे हरदोई विधानसभा क्षेत्र से कुल सात बार विधायक चुने गए। उनका विधायक कार्यकाल 1980 से 2012 तक फैला रहा, हालांकि 1985 से 1989 के बीच वे विधानसभा के सदस्य नहीं रहे। इतने लंबे समय तक एक ही क्षेत्र से जनता का विश्वास हासिल करना उनकी राजनीतिक पकड़ और जमीनी संपर्क को दर्शाता है।हाल ही में, उन्होंने हमारे चैनल Breaking Tube के पॉडकास्ट में अपने राजनीतिक जीवन से जुड़े कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे किए। इन शानदार इंटरव्यू को सुनने के लिए ऊपर दिए गए पॉडकास्ट लिंक पर क्लिक करें।

उपमुख्यमंत्री और मंत्री के रूप में भूमिका

वर्ष 1998 में नरेश चंद्र अग्रवाल ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, हालांकि यह पद उन्होंने मात्र दो दिनों तक ही संभाला। इसके बावजूद, वे विभिन्न सरकारों में महत्वपूर्ण मंत्री पदों पर रहे। 1997 में उन्होंने जगदंबिका पाल, राजीव शुक्ला, श्याम सुंदर शर्मा और बाचा पाठक के साथ मिलकर अखिल भारतीय लोकतांत्रिक कांग्रेस का गठन किया। इस दौरान वे कल्याण सिंह, राम प्रकाश गुप्ता और राजनाथ सिंह की सरकारों में ऊर्जा मंत्री रहे और राज्य की बिजली व्यवस्था से जुड़े अहम निर्णयों में उनकी भूमिका रही। इसके अतिरिक्त, 2003 से 2004 के बीच मुलायम सिंह यादव सरकार में उन्होंने पर्यटन मंत्री के रूप में कार्य किया और राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया।

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राज्यसभा सदस्यता और राष्ट्रीय राजनीति

राज्य स्तर की राजनीति के बाद नरेश चंद्र अग्रवाल ने राष्ट्रीय राजनीति में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वे मार्च 2010 में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए। हालांकि, उन्होंने मार्च 2012 में इस पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उसी वर्ष वे पुनः समाजवादी पार्टी के टिकट पर राज्यसभा के सदस्य बने। राज्यसभा में रहते हुए वे विभिन्न मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखने के लिए जाने जाते थे।

राजनीतिक दलों में बदलाव

नरेश चंद्र अग्रवाल का राजनीतिक सफर कई दलों से होकर गुजरा है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से की और 1997 तक उसी दल से जुड़े रहे। इसके बाद वे समाजवादी राजनीति की ओर बढ़े और समाजवादी पार्टी (SP) में शामिल हो गए।लगभग दो दशकों तक समाजवादी पार्टी में सक्रिय रहने के बाद, 12 मार्च 2018 को उन्होंने पार्टी छोड़ दी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। यह फैसला उस समय आया जब समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए अभिनेत्री जया बच्चन को अपना उम्मीदवार घोषित किया।

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शैक्षणिक योग्यता

नरेश चंद्र अग्रवाल का जन्म उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में हुआ। एक सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले अग्रवाल ने प्रारंभ से ही शिक्षा को महत्व दिया। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की, जहाँ से उन्होंने बैचलर ऑफ साइंस (BSc) और बैचलर ऑफ लॉ (LLB) की डिग्री हासिल की। उनकी शैक्षणिक योग्यता ने उन्हें राजनीति और प्रशासनिक कार्यों को समझने में मदद की, जिसका लाभ आगे चलकर उनके लंबे राजनीतिक करियर में देखने को मिला।

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