उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में गन्ने की फसल में लगी भीषण आग ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। एक खेत में अचानक भड़की आग ने करीब 50 बीघा गन्ने को जलाकर राख कर दिया। यह घटना हाल ही में सामने आई है, जहां सूखी पत्तियां या अन्य कारणों से आग फैल गई। किसानों ने खुद पानी, बाल्टी और स्थानीय संसाधनों से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग का दायरा इतना बड़ा था कि काफी फसल नष्ट हो गई। महीनों की मेहनत, सिंचाई और खाद-कीटनाशक पर खर्च सब बर्बाद हो गया। पीलीभीत में गन्ना प्रमुख फसल है, और ऐसे हादसे किसानों की आर्थिक स्थिति को और कमजोर करते हैं। प्रशासन से मुआवजे की मांग उठ रही है।
आग लगने का विवरण और स्थान
पीलीभीत के किसी गांव (रिपोर्ट्स में हजारा या आसपास के क्षेत्र का जिक्र) में गन्ने के खेत में अचानक आग लग गई। आग सूखी नरई (गन्ने की पत्तियां), पराली जलाने या शॉर्ट सर्किट जैसी वजहों से फैली। आग तेजी से फैलकर करीब 50 बीघा क्षेत्र में पहुंच गई, जहां खड़ा गन्ना पूरी तरह जलकर राख हो गया। कुछ रिपोर्ट्स में 50 एकड़ तक नुकसान का जिक्र है, लेकिन स्थानीय स्तर पर 50 बीघा की बात प्रमुख है। आग लगने से आसपास अफरा-तफरी मच गई।
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किसानों की मेहनत बर्बाद
किसानों ने बताया कि गन्ने की फसल तैयार थी और कटाई का समय नजदीक था। महीनों की मेहनत, पानी, खाद और मजदूरी सब पर पानी फिर गया। एक किसान ने कहा, “हमारी कमर टूट गई, अब क्या करेंगे?” आग बुझाने में ग्रामीणों ने बाल्टी, लाठियां और ट्रैक्टर से पानी डालकर कोशिश की, लेकिन आग पर काबू पाने में काफी देर लगी। फसल पूरी तरह नष्ट होने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
कारण और जांच
प्रारंभिक जांच में आग का कारण पराली जलाना, शॉर्ट सर्किट या लापरवाही बताया जा रहा है। पीलीभीत में पिछले कुछ वर्षों में भी गन्ने के खेतों में आग की घटनाएं होती रही हैं, जैसे पराली जलाने से फैलना या बिजली के तारों से। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर सर्वे शुरू किया है। किसान नेता मुआवजे और फसल बीमा क्लेम की मांग कर रहे हैं।















































