कानपुर देहात जिले के गजनेर थाना क्षेत्र में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया। यहां एक ऐसे व्यक्ति की हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था, जो अब जीवित पाया गया है। पुलिस ने आरोपी रज्जन को सकुशल बरामद कर लिया है, जबकि उसकी हत्या का केस झूठा साबित हो गया है।
मामले की शुरुआत तब हुई जब गजनेर थाना क्षेत्र के नंगापुर गांव निवासी शगुन ने कोर्ट के आदेश पर 15 दिसंबर 2025 को सजेती थाना क्षेत्र के निबियाखेड़ा गांव निवासी रज्जन की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। शगुन ने दावा किया था कि रज्जन की हत्या कर दी गई है। लेकिन जांच के दौरान पुलिस को बड़ा झटका लगा। गजनेर पुलिस ने रज्जन को जीवित और स्वस्थ हालत में पाया। पुलिस के अनुसार, रज्जन लंबे समय से फरार चल रहा था और एनडीपीएस एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस एक्ट) के तहत आरोपी था।
शगुन पर रज्जन को कोर्ट में पेश करने का दबाव था, क्योंकि रज्जन एनडीपीएस मामले में आरोपी था। इसी दबाव से बचने और मामले को उलझाने के लिए शगुन ने कोर्ट के आदेश का हवाला देकर रज्जन की हत्या का झूठा मुकदमा थाना में दर्ज करा दिया। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि हत्या का कोई सबूत नहीं था और पूरा मामला फर्जी था।
अब पुलिस ने रज्जन को बरामद करने के बाद शगुन के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने की तैयारी कर ली है। गजनेर थाना पुलिस के अनुसार, कोर्ट से आदेश मिलते ही झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाले शगुन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें धारा 182 (झूठी सूचना देकर लोक सेवक को गुमराह करना), 211 (झूठा केस दर्ज कराने की साजिश) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज हो सकता है।
यह घटना कानून के दुरुपयोग और फर्जी केस दर्ज कराने की बढ़ती प्रवृत्ति पर सवाल उठाती है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि निर्दोष लोगों को परेशान न किया जा सके और न्याय व्यवस्था का दुरुपयोग रोका जा सके। स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर चर्चा है और कई लोग इसे सनसनीखेज बता रहे हैं।
INPUT-ANANYA MISHRA












































