सुप्रीम कोर्ट ने जन सुराज पार्टी की याचिका पर सुनवाई से किया इनकार, बिहार चुनाव रद्द करने की मांग खारिज

6 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत किशोर की अगुवाई वाली जन सुराज पार्टी को बड़ा झटका दिया। पार्टी ने 2025 बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों को चुनौती देते हुए चुनाव रद्द करने और नए सिरे से मतदान कराने की मांग की थी। कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया और सख्त टिप्पणियां कीं। अदालत के रुख के बाद पार्टी ने याचिका वापस ले ली, जिसे खारिज कर दिया गया। यह फैसला जन सुराज के लिए चुनावी हार के बाद एक और बड़ा राजनीतिक झटका है।

याचिका में क्या था आरोप

जन सुराज पार्टी ने आरोप लगाया था कि बिहार सरकार ने चुनाव आचार संहिता (MCC) लागू होने के दौरान मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत लाखों महिलाओं को 10,000 रुपये का डायरेक्ट ट्रांसफर किया। पार्टी का दावा था कि यह कदम मतदाताओं को प्रभावित करने वाला भ्रष्ट आचरण (corrupt practice) था, जिससे चुनाव में लेवल प्लेइंग फील्ड प्रभावित हुई। याचिका में संविधान के अनुच्छेद 14, 21, 112, 202 और 324 तथा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 का हवाला दिया गया था। पार्टी ने चुनाव आयोग को कार्रवाई करने और पूरे राज्य में नए चुनाव कराने की मांग की थी। जन सुराज ने 238-242 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन एक भी सीट नहीं जीत पाई।

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सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियां

चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाला बागची की बेंच ने याचिका पर सुनवाई के दौरान जन सुराज पार्टी को कड़ी फटकार लगाई। CJI ने कहा,
“आपकी पार्टी को कितने वोट मिले? जनता ने आपको ठुकरा दिया है, और फिर आप लोकप्रियता हासिल करने के लिए न्यायिक मंच (judicial platform) का इस्तेमाल कर रहे हैं।”
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हारी हुई पार्टी के कहने पर पूरे चुनाव को रद्द नहीं किया जा सकता। बेंच ने कहा कि “फ्रीबीज” (मुफ्त योजनाओं) की संस्कृति को गंभीरता से देखा जा रहा है, लेकिन इसे हारे हुए दल के जरिए नहीं सुलझाया जाएगा। अदालत ने पार्टी को पटना हाई कोर्ट जाने की सलाह दी, क्योंकि मामला राज्य स्तर का है और वहां से शुरू किया जाना चाहिए।

याचिका वापस ली गई, कोर्ट ने खारिज किया

कोर्ट के सख्त रुख और टिप्पणियों के बाद जन सुराज के वकील ने याचिका वापस लेने का फैसला किया। बेंच ने इसे वापस ली गई मानकर खारिज कर दिया और पटना हाई कोर्ट में जाने की छूट दी। यह फैसला बिहार में NDA (BJP-JD(U)) की जीत के बाद जन सुराज के लिए लगातार असफलताओं की श्रृंखला में एक और कड़ी है, जहां पार्टी ने बड़े दावे के साथ चुनाव लड़ा था लेकिन शून्य सीटों पर सिमट गई।

INPUT-ANANYA MISHRA

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