उत्तर प्रदेश में बीजेपी के अंदरूनी कलह ने नया मोड़ ले लिया है। चरखारी (महोबा) से विधायक बृजभूषण राजपूत उर्फ गुड्डू राजपूत को पार्टी ने स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया है। यह नोटिस जल शक्ति कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के काफिले को कथित रूप से रोकने और उन्हें ‘बंधक’ बनाने के आरोप के बाद आया है। यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने यह नोटिस जारी किया है, जिसमें विधायक से 7 दिनों के अंदर लिखित जवाब मांगा गया है। पार्टी इसे अनुशासनहीनता का मामला मान रही है और संतोषजनक जवाब न मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
घटना का पूरा विवरण
30 जनवरी 2026 को महोबा जिले के चरखारी क्षेत्र में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। वापसी के दौरान विधायक बृजभूषण राजपूत और उनके समर्थकों (जिनमें कई ग्राम प्रधान शामिल थे) ने मंत्री के काफिले को बीच सड़क पर रोक दिया। कारण था जल जीवन मिशन के तहत खोदी गई सड़कों की मरम्मत न होना, पेयजल संकट, अधूरे कार्य और गांवों में पानी न पहुंचना। विधायक ने मंत्री से कहा कि वे पहले 40 गांवों की समस्या देखें। वीडियो वायरल होने के बाद इसे ‘बंधक’ बनाने जैसा बताया गया, हालांकि मंत्री ने इसे विरोध प्रदर्शन बताया और अधिकारियों पर कार्रवाई का वादा किया। विधायक ने कहा, “विधायक होने की परवाह नहीं, लोगों के सम्मान के लिए लड़ेंगे।”
नोटिस जारी होने की वजह
बीजेपी ने इस घटना को गंभीरता से लिया क्योंकि यह पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है और आंतरिक कलह को उजागर करता है। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि विधायक का आचरण अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। पार्टी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है। सूत्रों के अनुसार, अगर जवाब संतोषजनक नहीं हुआ तो निलंबन या अन्य कार्रवाई हो सकती है। यह मामला योगी सरकार में मंत्री और विधायक के बीच टकराव को दिखाता है, जहां विकास कार्यों पर असंतोष सामने आया।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने घटना पर तंज कसते हुए कहा कि “बीजेपी में डिब्बे भी टकरा रहे हैं” और यह कुशासन का सबूत है। विपक्ष ने इसे योगी सरकार में भ्रष्टाचार और अराजकता का उदाहरण बताया। बीजेपी के अंदर से भी कुछ असंतोष की बातें सामने आईं, लेकिन पार्टी ने इसे जल्द सुलझाने की कोशिश की। विधायक बृजभूषण (लोध समुदाय से) ने पहले भी जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने घटना को कम करके आंका और कहा कि उनका फोकस विकास कार्यों पर है।
आगे क्या संभावना
7 दिनों में विधायक का जवाब आने के बाद पार्टी फैसला लेगी। अगर कार्रवाई हुई तो यह बीजेपी के लिए बड़ा संदेश होगा कि अनुशासन का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह घटना बुंदेलखंड में जल संकट और सड़क मरम्मत जैसे स्थानीय मुद्दों को फिर से सुर्खियों में ला सकती है। फिलहाल, बीजेपी आंतरिक स्तर पर इसे संभालने में जुटी है ताकि लोकसभा या विधानसभा चुनाव से पहले छवि प्रभावित न हो।
INPUT-ANANYA MISHRA
















































