रायबरेली: परिवहन विभाग पर फिटनेस के नाम पर लूट का आरोप, मोटर यूनियन अध्यक्षों ने लगाए गंभीर आरोप, मंत्री गडकरी को शिकायत पर भी नहीं हुई कार्रवाई

रायबरेली: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के रायबरेली (Raebareli) में मोटर यूनियन के अध्यक्ष राममोहन श्रीवास्तव और रामू दादा ने उप संभागीय परिवहन विभाग, यातायात प्रभारी सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि फिटनेस सर्टिफिकेट के नाम पर वाहन मालिकों से अवैध वसूली की जा रही है। कई शिकायतों के बावजूद केंद्र और राज्य स्तर पर कोई सुनवाई नहीं होने से नाराज होकर उन्होंने सार्वजनिक बयान जारी किया। रामू दादा कई दशक से मोटर यूनियन के अध्यक्ष हैं और उन्होंने इसे संगठित लूट बताया।

आरोपों का पूरा ब्योरा

मोटर यूनियन के अध्यक्ष राममोहन श्रीवास्तव और रामू दादा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उप संभागीय परिवहन विभाग (ARTO) और यातायात पुलिस के अधिकारी फिटनेस चेक के नाम पर वाहनों को जबरन रोकते हैं और बिना रिश्वत लिए पास नहीं करते। उन्होंने दावा किया कि ट्रक, बस और अन्य व्यावसायिक वाहनों से हजारों रुपये की वसूली हो रही है, जिससे मालिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। रामू दादा ने कहा कि यह लूट कई वर्षों से चल रही है और स्थानीय स्तर पर शिकायत करने पर धमकियां मिलती हैं।

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शिकायतें की गईं, लेकिन सुनवाई नहीं

राममोहन श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री, मुख्यमंत्री कार्यालय और जिला प्रशासन को कई बार लिखित शिकायतें भेजी हैं। इनमें सबूत के रूप में वीडियो, फोटो और गवाहों के बयान भी शामिल हैं। लेकिन अब तक कोई जांच या कार्रवाई नहीं हुई। रामू दादा ने कहा कि, हमारी शिकायतों को कागजों में दबा दिया जाता है। यह सिस्टम की मिलीभगत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो यूनियन बड़े आंदोलन की तैयारी करेगी।

रामू दादा की भूमिका और इतिहास

रामू दादा (राममोहन श्रीवास्तव के साथ) कई दशक से रायबरेली मोटर यूनियन के अध्यक्ष हैं। उन्होंने वाहन चालकों और मालिकों के हितों के लिए कई संघर्ष किए हैं। रामू दादा ने कहा कि “हम गरीब ड्राइवरों की आवाज हैं। फिटनेस के नाम पर लूट से तंग आ चुके हैं। उन्होंने अपील की कि उच्च स्तर पर जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। यूनियन के अन्य सदस्यों ने भी आरोपों का समर्थन किया और कहा कि यह समस्या पूरे जिले में फैली हुई है।

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परिवहन विभाग की प्रतिक्रिया 

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। स्थानीय ARTO कार्यालय से संपर्क करने पर कोई जवाब नहीं मिला। राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि रायबरेली में वाहन व्यवसाय बड़ा क्षेत्र है। यदि शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई तो यूनियन धरना-प्रदर्शन की योजना बना रही है। यह मामला भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है, जिससे आम जनता प्रभावित हो रही है।

Input- Shiva Maurya 

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