यूपी में एक के बाद एक इस्तीफा का सिलसिला जारी! योगी के राज में अब इस अधिकारी ने दे दिया इस्तीफा

उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक महकमे में एक और बड़े इस्तीफे ने खलबली मचा दी है. बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट के बाद अब अयोध्या संभाग के राज्यकर विभाग (GST) में तैनात डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. खास बात यह है कि उन्होंने यह इस्तीफा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में और शंकराचार्य द्वारा उन पर की गई टिप्पणी के विरोध में दिया है।

फूट-फूट कर रोए डिप्टी कमिश्नर

इस बीच प्रशांत कुमार सिंह का एक वीडियो भी सामने आया है. इसमें डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह अपनी पत्नी से फोन पर बात करते हुए बेहद भावुक नजर आ रहे हैं. वीडियो में वे रोते हुए कह रहे है कि, ‘मैंने इस्तीफा दे दिया है… मुझे बर्दाश्त नहीं हुआ. जिसका नमक खाते हैं, उसका सिला अदा करना चाहिए. मैं बहुत पीड़ा में था.’ उन्होंने बताया कि वे पिछले दो रातों से सोए नहीं थे और उनकी दो छोटी बेटियां हैं. पत्नी से बात करते समय उनका गला रूंध गया और वे अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके।48 साल के प्रशांत कुमार ने इस्तीफे के बाद पत्नी से फोन पर बात की और फूट-फूटकर रोने लगे। प्रशांत मूलत: मऊ जिले के सरवा गांव के रहने वाले हैं। उन्हें सहारनपुर में पहली ज्वॉइनिंग मिली थी। जबकि अयोध्या में पोस्टिंग 21 अक्टूबर, 2023 को हुई थी।

सीएम के पक्ष में कही बात

GST डिप्टी कमिश्नर ने कहा- मैं तब तक अपना सरकारी काम करता रहूंगा, जब तक मेरा इस्तीफा मंजूर नहीं हो जाता। इस्तीफा मंजूर होने के बाद, जो भी साधन मेरे पास होंगे, उनसे समाज के लिए काम करूंगा। आज जो दर्द मुझे है, वही मैं कह रहा हूं। संविधान में विरोध करने का तरीका तय है, लेकिन ठेला गाड़ी (पालकी) पर बैठकर मुख्यमंत्री को उल्टा सीधा नहीं कह सकते। वो हमारे अन्नदाता हैं। मेरा कहना बस इतना है कि आप लोग ऐसे लोगों से सावधान रहिए। ये समाज में गलत माहौल बनाते हैं। समाज को आपस में बांटते हैं। मैं ऐसे बयानों का विरोध करता हूं, क्योंकि इनके कारण समाज जातियों में बंटने लगता है।

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योगी के लिए शंकराचार्य ने कहा था

शंकराचार्य अवमुक्तेश्वरांनद ने 21 जनवरी को सीएम योगी पर करारा हमला किया था। उन्होंने कहा- यही योगी जिसे आप लोग साधु संत कहते हो वह हिंदू कहने के लायक नहीं है। जिसको आप लोग साधु संत कहते हो उसे हम हुमायूं का बेटा अकबर कहते हैं, औरंगजेब कहते हैं। यह नहीं है हिंदू कहने के लायक। यह हिंदू मंदिर को तोड़ने का समर्थन करने वाला है।

अविमुक्तेश्वरानंद का पूरा विवाद

दरअसल 18 जनवरी को माघ मेले में मौनी अमावस्या पर अविमुक्तेश्वरानंद पालकी में स्नान करने जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोका और पैदल जाने को कहा। विरोध करने पर शिष्यों से धक्का-मुक्की हुई। इससे नाराज अविमुक्तेश्वरानंद शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए।प्रशासन ने अविमुक्तेश्वरानंद को 48 घंटे में दो नोटिस जारी किए। पहले में उनके शंकराचार्य की पदवी लिखने और दूसरे में मौनी अमावस्या को लेकर हुए बवाल पर सवाल पूछे गए। प्रशासन ने चेतावनी दी थी कि क्यों न आपको हमेशा के लिए माघ मेले से बैन कर दिया जाए। अविमुक्तेश्वरानंद ने दोनों नोटिस के जवाब भेज दिए थे।

कौन हैं प्रशांत कुमार सिंह?

प्रशांत कुमार सिंह 2023 से अयोध्या संभाग में राज्यकर विभाग के संभागीय उप आयुक्त (डिप्टी कमिश्नर) के पद पर कार्यरत थे. वे एक कर्मठ अधिकारी माने जाते रहे हैं. उन्होंने यह भी घोषणा की है कि इस्तीफा स्वीकार होने के बाद वे अपने निजी संसाधनों से समाज सेवा का कार्य करेंगे. प्रशांत कुमार सिंह ने साफ किया कि उन पर किसी का कोई दबाव नहीं था. यह उनका अपना स्वाभिमान और विचारों के आधार पर लिया गया फैसला है।

प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज

एक ओर जहां बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे ने शासन को कटघरे में खड़ा किया है, वहीं अयोध्या के इस डिप्टी कमिश्नर के इस्तीफे ने मुख्यमंत्री के प्रति अधिकारियों की निष्ठा और प्रशासनिक संवेदनशीलता को एक नई चर्चा का केंद्र बना दिया है. यूपी में एक के बाद एक अधिकारियों के इस तरह पद छोड़ने से शासन की कार्यप्रणाली और वैचारिक मतभेदों पर बहस छिड़ गई है।

INPUT-ANANYA MISHRA

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