नई दिल्ली/प्रयागराज, 5 फरवरी 2026: नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली अभिनेता मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ (Ghooskhor Pandit) रिलीज से पहले ही बड़े विवाद के केंद्र में आ गई है। फिल्म का टीजर हाल ही में (3 फरवरी 2026 को) नेटफ्लिक्स के एक इवेंट में जारी किया गया था, जिसके बाद मुख्य रूप से फिल्म के शीर्षक पर ब्राह्मण समाज और विभिन्न संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया है। यह विवाद UGC (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) से जुड़े हालिया विवादों के बीच और तेज हो गया है, जहां शिक्षा नीति और सामाजिक मुद्दों पर बहस चल रही है।
फिल्म का टाइटल “घूसखोर पंडित” कई लोगों को आपत्तिजनक लगा है, क्योंकि ‘पंडित’ शब्द पारंपरिक रूप से ब्राह्मण समुदाय से जुड़ा सम्मानजनक पद है, जिसे रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार से जोड़ना समुदाय की गरिमा के खिलाफ माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इसे जातिवादी और समुदाय-विरोधी करार दिया है। कई पोस्ट्स में सवाल उठाया गया है कि क्या नेटफ्लिक्स या मेकर्स इसी तरह के टाइटल जैसे “घूसखोर मुस्लिम” या “घूसखोर दलित” इस्तेमाल करने की हिम्मत कर सकते हैं? यूजर्स ने टाइटल बदलने या फिल्म के बॉयकॉट की धमकी दी है।
प्रयागराज और अयोध्या में संतों-साधुओं ने भी शीर्षक पर कड़ी नाराजगी जताई है। प्रयागराज में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं, जहां ब्राह्मण समाज के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने सड़कों पर उतरकर नारेबाजी की। रिपोर्ट्स के अनुसार, यहां तनाव इतना बढ़ गया कि पुलिस को स्थिति संभालने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा, जिससे छोटी-मोटी झड़पें हुईं। हालांकि, बड़े पैमाने पर हिंसा की कोई पुष्टि नहीं हुई, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने फिल्म पर बैन या टाइटल बदलने की मांग को लेकर जोरदार आवाज उठाई है। अयोध्या के कुछ संतों ने मनोज बाजपेयी को नसीहत दी है कि बॉलीवुड जानबूझकर हिंदू आस्था और समुदायों को नीचा दिखाने का काम कर रहा है।
विवाद कानूनी स्तर पर भी पहुंच गया है। दिल्ली हाईकोर्ट में फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता वकील विनीत जिंदल ने इसे ब्राह्मण समुदाय की गरिमा के खिलाफ और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वाला बताया है। मुंबई के वकील आशुतोष दुबे ने नेटफ्लिक्स, मनोज बाजपेयी और मेकर्स को लीगल नोटिस भेजा है, जिसमें टाइटल हटाने या बदलने की मांग की गई है। उज्जैन, जयपुर, भोपाल जैसे शहरों में भी ब्राह्मण संगठनों जैसे सर्व ब्राह्मण महासभा और अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज ने विरोध प्रदर्शन किए हैं और FIR दर्ज कराने की तैयारी की है।
फिल्म एक क्राइम-थ्रिलर है, जिसे नीरज पांडे ने लिखा है और रितेश शाह ने निर्देशित किया है। मनोज बाजपेयी यहां एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी अजय दीक्षित (उपनाम ‘पंडित’) का रोल निभा रहे हैं, जो रिश्वत और ग्लोबल साजिश में फंस जाता है। फिल्म में नुशरत भरुचा, दिव्या दत्ता, साकिब सलीम जैसे कलाकार भी हैं। यह नेटफ्लिक्स पर 2026 में रिलीज होगी, लेकिन सटीक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।
विवाद मुख्यतः टाइटल से जुड़ा है, जहां अपराध को जातिगत रंग देने का आरोप लग रहा है। मेकर्स की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सोशल मीडिया और सड़कों पर विरोध जारी है। यह मामला आगे कोर्ट में सुनवाई के दौरान और गर्म हो सकता है।
INPUT-ANANYA MISHRA

















































