Amravati Murder: महाराष्ट्र के अमरावती में बीजेपी नेता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले केमिस्ट उमेश कोल्हे (Umesh Kolhe) की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. जानकारी मिली है कि उमेश कोल्हे ने जिस वॉट्सऐप ग्रुप में नूपुर से संबंधित पोस्ट किए थे, उसमें आरोपी डॉ. यूसुफ खान बहादुर खान भी था. उमेश ने नूपुर शर्मा को लेकर खुद से कुछ नहीं लिखा था, बल्कि 4-5 पोस्ट को सिर्फ फॉरवर्ड किया था. उनकी पोस्ट के स्क्रीनशॉट लेकर यूसुफ खान ने अलग-अलग ग्रुप में वायरल कर दिए. उसके बाद ही उमेश की हत्या की साज़िश रची गई. बताया जा रहा है कि यूसुफ खान उमेश कोल्हे का बेहद करीबी दोस्त था, दोनों की यारी 16 साल पुरानी थी, लेकिन शायद शायद मजहब के आगे दोस्ती छोटी पड़ गई.
यूसुफ की बहन की शादी और बेटे के एडमिशन में की थी मदद
उमेश कोल्हे के भाई महेश ने बड़ा खुलासा किया है. महेश के मुताबिक मर्डर केस का आरोपी यूसुफ उनके भाई उमेश का बहुत करीबी दोस्त था. यूसुफ की कई बार उमेश मदद कर चुके थे. वो वक्त-वक्त पर यूसुफ को कर्ज भी देते थे. यूसुफ की बहन की शादी और बच्चे के एडमिशन में भी उमेश ने मदद की थी.
यूसुफ ने की बचने की कोशिश लेकिन पकड़ा गया
महेश ने बताया कि यूसुफ मेडिकल पर आकर दवाएं खरीदता था. यही नहीं, कई बार उमेश के घर भी आया. हत्याकांड को अंजाम देने के बाद यूसुफ ने बचने की कोशिश भी की. वह उमेश के अंतिम संस्कार में शामिल हुआ ताकि किसी को पता न चले और शक न हो. आखिरकार उसे पकड़ ही लिया गया. पुलिस के मुताबिक, यूसुफ डॉक्टरों और मेडिकल वालों के उस व्हाट्सऐप ग्रुप में था, जिसमें उमेश ने नूपुर शर्मा के समर्थन वाला पोस्ट फारवर्ड किया था. यहां से उमेश की पोस्ट को यूसुफ ने शेख इरफान तक पहुंचाया. फिर इरफान ने हत्याकांड की साजिश रची.
हत्या से पहले की थी रेकी
इसके बाद उमेश कोल्हे की हत्या को अंजाम देने के लिए मास्टरमाइंड इरफान शेख ने दो टीमें बनाई थीं. एक टीम दुकान के सामने रेकी करने के लिए बनी थी. उसे उमेश के दुकान से निकलने की जानकारी देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. उमेश 21 जून की रात को दुकान बंद करके जैसे ही निकले, घंटाघर गली में खड़ी दूसरी टीम को इसकी जानकारी दे दी गई. उमेश के वहां पहुंचते ही हमलावर उन पर टूट पड़े. उन पर चाकुओं से कई वार किए गए.
यूसुफ ने लिखी हत्या की पूरी स्क्रिप्ट
पता चला है कि यूसुफ खान ने ही उमेश कोल्हे की फ़ोटो पहचान के लिए इरफान खान को भेजी थी. इरफान ने उसी फ़ोटो को अपने गुर्गों को भेजा था. इरफान खान का एनजीओ नागपुर में है. वहीं से वह उसे ऑपरेट करता है. अमरावती में उसका आना-जाना बेहद कम है. नागपुर में बैठकर उसने उमेश कोल्हे को मारने के लिए अमरावती के लोकल अपराधियों को सुपारी दी थी.
केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर एनआईए की टीम भी जांच के लिए शनिवार को अमरावती पहुंच चुकी है. अमरावती पुलिस की इंस्पेक्टर नीलिमा अरज ने बताया कि उमेश कोल्हे की हत्या के सिलसिले में अभी तक 7 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं. गिरफ्तार लोगों में इरफान और यूसुफ खान भी शामिल हैं. इन सभी से पूछताछ चल रही है. आरोपियों को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा. अभी कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.
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