UP: रामनगरी अयोध्या (Ayodhya) में 19 मार्च को द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) के प्रस्तावित दौरे को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए 18 मार्च की रात 11 बजे से शहर में ट्रैफिक डायवर्जन लागू कर दिया जाएगा, जो 19 मार्च की शाम 5 बजे तक या कार्यक्रम समाप्त होने तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन में कुछ असुविधाओं का सामना करना पड़ सकता है।
यातायात पर सख्ती
डायवर्जन अवधि में भारी वाहनों जैसे ट्रक, ट्रैक्टर और डीसीएम का अयोध्या शहर में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इन वाहनों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए पूर्व निर्धारित वैकल्पिक मार्गों पर भेजा जाएगा। हालांकि एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, दूध और दवा जैसी आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।
राम मंदिर के दर्शन समय में बदलाव
19 मार्च से चैत्र नवरात्र और रामनवमी मेले की शुरुआत भी हो रही है। इसी दिन राम मंदिर में श्रीराम यंत्र की स्थापना का कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें राष्ट्रपति मुख्य अतिथि होंगी। मंदिर प्रशासन ने निर्णय लिया है कि इस दिन मंदिर सुबह 6 बजे खोला जाएगा। हालांकि सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक राष्ट्रपति के कार्यक्रम के दौरान दर्शन अस्थायी रूप से रोके जा सकते हैं।
कार्यक्रम के बाद सामान्य व्यवस्था
राष्ट्रपति के मंदिर परिसर में लगभग चार घंटे तक रहने की संभावना है। उनके कार्यक्रम के समाप्त होते ही दर्शन व्यवस्था पुनः सामान्य कर दी जाएगी। इसके बाद श्रद्धालु नियमित रूप से मंदिर परिसर और अन्य उप मंदिरों में दर्शन कर सकेंगे। मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि वीआईपी कार्यक्रम के बावजूद दर्शन व्यवस्था को अधिकतम सुचारु बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा।
विभिन्न जिलों के लिए डायवर्जन प्लान
प्रशासन ने अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों के लिए विस्तृत डायवर्जन योजना बनाई है। सुल्तानपुर, रायबरेली, गोरखपुर, बस्ती, बाराबंकी और अन्य जिलों से आने वाले भारी वाहनों को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और अन्य वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ा जाएगा। वहीं, लखनऊ और अन्य शहरों की ओर जाने वाले वाहनों के लिए भी अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यात्रा से पहले मार्ग की जानकारी जरूर लें ताकि अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके।














































