उत्तर प्रदेश में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह का काफिला महोबा जिले में बीच सड़क पर रोकने वाले चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत (उर्फ गुड्डू राजपूत) की मुश्किलें बढ़ गई हैं। 30 जनवरी 2026 को मंत्री महोबा दौरे पर थे। कार्यक्रम के बाद लौटते समय बृजभूषण राजपूत ने 100 से अधिक ग्राम प्रधानों और समर्थकों के साथ उनके काफिले को रोक दिया। विधायक ने जल जीवन मिशन की बदहाली, सड़कों की खराब स्थिति और अधिकारियों की लापरवाही को लेकर नाराजगी जताई। इस दौरान मंत्री और विधायक के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसका वीडियो वायरल हो गया। कई रिपोर्ट्स में इसे मंत्री को “बंधक” बनाने जैसी घटना बताया गया।
वायरल बयान और सोशल मीडिया पर हंगामा
घटना के बाद विधायक बृजभूषण राजपूत ने सोशल मीडिया पर कई बयान दिए, जो काफी चर्चा में रहे। एक वायरल वीडियो में उन्होंने कहा कि “जनता का आशीर्वाद मिला तो मुख्यमंत्री का काफिला भी रोक देंगे”। इसके अलावा उनके पिता पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत के भी कई वीडियो और रील्स वायरल हुए।
पहले गंगाचरण राजपूत ने मंत्री को “राजा न समझने” की नसीहत दी।
बाद में उन्होंने स्वतंत्रदेव सिंह और बृजभूषण को “छोटा-बड़ा भाई” बताते हुए मामला शांत करने की कोशिश की।
BJP ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश भाजपा ने कार्रवाई की। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने शुक्रवार (6 फरवरी 2026) को बृजभूषण राजपूत को कारण बताओ नोटिस जारी किया। पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता माना है। नोटिस में विधायक से 7 दिनों के अंदर लिखित जवाब मांगा गया है।
विधायक बृजभूषण ने मीडिया से कहा कि उन्हें अभी नोटिस नहीं मिला है, लेकिन वे शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात करेंगे और स्थिति स्पष्ट करेंगे।
मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह का पक्ष
मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने मीडिया में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विधायक अगर कोई समस्या लेकर आना चाहते थे तो सड़क पर काफिला रोकने की बजाय सर्किट हाउस या किसी बंद कमरे में मिल सकते थे। उन्होंने इस तरीके पर एतराज जताया।
सियासी प्रभाव और विपक्ष की प्रतिक्रिया
यह घटना योगी सरकार और भाजपा के लिए असहज स्थिति पैदा कर रही है। विपक्ष ने इसे सत्ताधारी दल में आंतरिक कलह का मुद्दा बनाया है। कुछ रिपोर्ट्स में इसे कुर्मी-लोधी समीकरण से भी जोड़ा जा रहा है, क्योंकि मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह कुर्मी समुदाय से हैं और विधायक बृजभूषण लोधी समुदाय से। यह मामला अब पार्टी के अनुशासनात्मक स्तर पर जांच के दायरे में है। आगे क्या कार्रवाई होती है, यह नोटिस के जवाब पर निर्भर करेगा।
INPUT-ANANYA MISHRA










































